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नो शैडो जोन में उमड़ा जनसैलाब, दोपहर 12 बजे कुछ पलों के लिए गायब हुई परछाई, सेल्फी लेने पहुंचे दूर-दूर से पर्यटक

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मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

जिले के प्रसिद्ध कर्क रेखा स्थल पर रविवार को “नो शैडो डे” का अनूठा नजारा देखने के लिए सैकड़ों सैलानी पहुंचे। दोपहर करीब 12:10 बजे सूर्य की किरणें लगभग सिर के ऊपर पहुंचने से कुछ समय के लिए लोगों की परछाई लगभग गायब हो गई, जिसे देखने और कैमरे में कैद करने के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। लेकिन बादल छाए जाने के कारण ज्यादा स्पष्ट परछाई गायब होती नहीं दिखाई दी।

भोपाल-विदिशा हाईवे स्थित कर्क रेखा स्थल पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे ही दोपहर 12 बजे का समय हुआ, पर्यटक अपनी परछाई देखने के लिए सड़क किनारे खड़े हो गए। हालांकि मौसम में बादल छाए रहने के कारण यह दृश्य पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन कुछ समय के लिए परछाई लगभग लुप्त होती दिखाई दी। इसके बाद 12:30 बजे धूप निकलने पर लोगों की परछाई उनके पैरों के ठीक नीचे दिखाई देने लगी।

पर्यटकों ने इस दुर्लभ खगोलीय घटना को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। कई लोगों ने सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा कीं। भोपाल, विदिशा, सीहोर, बेरसिया, शाजापुर, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे पर्यटकों ने इस अनूठे अनुभव का आनंद लिया।

शाजापुर से आए पर्यटक रुद्र, अंकुश, प्रकाश, राज, सरिया शर्मा, विकास, प्रांजल उपाध्याय, स्वर्णिम, यदि पर्यटक शाजापुर से पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वे विशेष रूप से 21 जून को अपनी परछाई गायब होने का दृश्य देखने पहुंचे थे। हालांकि बादलों के कारण दृश्य पूरी तरह साफ नहीं दिखा, लेकिन धूप निकलने के बाद परछाई पैरों के नीचे दिखाई देना भी उनके लिए यादगार अनुभव रहा।

क्यों गायब होती है परछाई?

21 जून को सूर्य उत्तरायण की चरम स्थिति में पहुंचकर कर्क रेखा के ठीक ऊपर दिखाई देता है। इस दौरान दोपहर के समय सूर्य की किरणें लगभग 90 डिग्री के कोण पर धरती पर पड़ती हैं, जिससे खड़े व्यक्ति की परछाई बेहद छोटी होकर पैरों के नीचे सिमट जाती है या लगभग दिखाई नहीं देती। इसी कारण कर्क रेखा क्षेत्र को “नो शैडो जोन” कहा जाता है।

रायसेन का प्रमुख सेल्फी पॉइंट बना कर्क रेखा

भूगोल की पुस्तकों और ग्लोब में पढ़ी जाने वाली कर्क रेखा पर खड़े होने का अनुभव लोगों को आकर्षित करता है। यही वजह है कि हर सप्ताह शनिवार और रविवार को सांची, विदिशा और भोपाल की ओर आने-जाने वाले हजारों यात्री यहां रुककर फोटो और सेल्फी लेते हैं। रविवार को भी यह स्थल पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहा।

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