मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सावन माह की धार्मिक आस्था के बीच सांची विकासखंड के ग्राम दीवानगंज स्थित भवानी चौक के राम-जानकी मंदिर परिसर में पारंपरिक रामलीला का भव्य शुभारंभ हो गया। मंचित हुए मुनि आगमन, ताड़का वध, भरिच (भरत/भृगु) दरबार, अहिल्या उद्धार, धनुष यज्ञ और राम विवाह जैसे प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पूरे परिसर में जय श्रीराम के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय वातावरण ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया।
रामलीला के मंचन के लिए प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से आए सीताराम धर्म विचारक मंडल के महंत पंडित दीनानाथ पांडे के नेतृत्व में मुख्य कलाकार शिव कुमार पांडे, कैलाश नाथ उपाध्याय, उमेश दुबे, रमेश पांडे, पुष्पेंद्र मिश्रा, कमल तिवारी, केदार सिंह और राजेश मथुरा सहित कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया। कलाकारों की संवाद शैली, पारंपरिक वेशभूषा और जीवंत प्रस्तुति दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही।
आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में भगवान श्रीराम के जन्म, बाल लीलाएं, विश्वामित्र संग वनगमन, सीता स्वयंवर, वनवास, रावण वध और रामराज्य जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, मर्यादा, कर्तव्य, त्याग और पारिवारिक आदर्शों को समाज और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।
सावन माह में जहां एक ओर शिवालयों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का क्रम जारी है, वहीं रामलीला ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया है। प्रतिदिन शाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित रामलीला देखने पहुंच रहे हैं। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की है। आगामी सावन सोमवार और प्रमुख प्रसंगों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।