मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल–विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर स्थित पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने स्कूली बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। हर दिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं तेज रफ्तार वाहनों के बीच जान जोखिम में डालकर हाईवे पार करने को मजबूर हैं। सुरक्षा इंतजामों के अभाव का खामियाजा मंगलवार को उस समय सामने आया, जब कक्षा 10वीं के छात्र गुलशन अहिरवार (पिता राजू अहिरवार, निवासी संग्रामपुर) को तेज रफ्तार बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि बाइक एक अन्य दोपहिया वाहन से भी टकराई। दुर्घटना के बाद बाइक चालक मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों और स्कूल प्रबंधन ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्कूल के सामने तत्काल स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और CCTV कैमरा लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
घायल छात्र के चाचा मनोज जाटव ने बताया कि स्कूल परिसर में कैमरे लगे हैं, लेकिन हाईवे पर कैमरा नहीं होने के कारण दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने हाईवे पर भी CCTV कैमरा लगाने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान आसानी से हो सके।
अंधी रफ्तार बना रही हाईवे को खतरनाक
भोपाल–विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर प्रतिदिन यात्री बसें, डंपर, 407 वाहन, डीजल टैंकर और अन्य भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विदिशा, भोपाल, बीना, इटारसी, रायसेन, सागर और इंदौर रूट की कई चार्टर्ड बसें भी निर्धारित गति सीमा का पालन नहीं करतीं। कई बार बाइक सवारों को बसों से बचने के लिए सड़क से नीचे उतरना पड़ता है।
चेकिंग के दावे, लेकिन भारी वाहनों पर कार्रवाई नहीं
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस और आरटीओ द्वारा दीवानगंज, कर्क रेखा,त्रिमूर्ति चौराहा और सांची क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दावे किए जाते हैं, लेकिन तेज रफ्तार कमर्शियल वाहनों, बसों की फिटनेस, परमिट और गति सीमा के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अनदेखी के कारण स्कूली बच्चों और आम राहगीरों की जान लगातार खतरे में बनी हुई है।यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े और दर्दनाक हादसे का कारण बन सकती है।