चरण तीर्थ से जल लेकर निकले दो शिवभक्त, महाकाल का करेंगे जलाभिषेक
रोज 25–30 किमी पैदल तय करने का संकल्प
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 दीवानगंज पर स्थित कर्क रेखा पर ह आस्था का अनूठा नजारा देखने को मिला। विदिशा के चरण तीर्थ से कांवड़ में पवित्र जल लेकर दो शिवभक्त नंगे पैर उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दरबार के लिए पदयात्रा पर निकले हैं। दोनों श्रद्धालु कठिन तपस्या और अटूट श्रद्धा के साथ यात्रा कर रहे हैं।
यात्रा के दौरान दोनों भक्तों के पैरों में चोट से बचाव के लिए केवल पन्नी बंधी हुई थी, जबकि कांवड़ लेकर चल रहे शिवा खटीक ने अपने दोनों पैरों में घुंघरू बांध रखे हैं। शिवा खटीक, निवासी विदिशा ने बताया कि यह उनका संकल्प है कि जब तक कांवड़ यात्रा पूरी कर बाबा महाकाल के मंदिर नहीं पहुंच जाते, तब तक वह अपने पैरों से घुंघरू नहीं उतारेंगे और कांवड़ भी कंधे से नहीं रखेंगे। उनका कहना है कि महाकाल के दर्शन और जलाभिषेक के बाद ही यह संकल्प पूर्ण होगा।
यात्रा में उनके साथ निलेश अहिरवार भी शामिल हैं, जो हाथों में धार्मिक ध्वज लेकर सबसे आगे चल रहे हैं, जबकि पीछे शिवा खटीक कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। दोनों श्रद्धालु बुधवार को विदिशा के चना तीर्थ से रवाना हुए थे और प्रतिदिन लगभग 25 से 30 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि उनका लक्ष्य 12 से 13 दिनों में उज्जैन पहुंचकर भगवान महाकाल का जलाभिषेक करना है। सावन माह में इस प्रकार की कठिन पदयात्रा श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बन रही है। हाईवे 18 से रोजाना कावड़ यात्रा का निकलने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है रोजाना कावड़ लेकर भक्त निकलते दिखाई दे रहे हैं। कोई उज्जैन महाकाल जा रहा है कोई नर्मदा जा रहा है कोई कुबेश्वर धाम जा रहा है। तो कोई अन्य धार्मिक जगह पर जा रहा है। 1 महीने तक हाईवे 18 पर कावड़ यात्रा देखने को मिलेगी।
हाईवे से गुजरने वाले लोगों ने भी दोनों भक्तों की भक्ति और दृढ़ संकल्प को देखकर उनका उत्साहवर्धन किया।