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पर्यटन स्थल सांची के आसपास अवैध कालोनियों से कृषि भूमि का अस्तित्व खतरे में,जिला प्रशासन राजनीतिक हस्तक्षेप से मौन 

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– नगरपंचायत की मोन स्वीकृति चर्चा में 

देवेन्द्र तिवारी सांची, रायसेन

इस क्षेत्र में लंबे अरसे से बडे बडे कालौनाईजरो की कृषि भूमि पर नजर लगी हुई है जिसे ऊंचे दामों पर खरीदकर बेचने का कारोबार धडल्ले से जारी है हालांकि अनेक बार प्रशासन द्वारा कार्यवाही भी की गई परंतु ऊंची राजनीतिक पहुंच के कारण प्रशासन की कार्यवाही भी नाकाफी साबित होकर रह गई ।जिससे कृषि भूमि का अस्तित्व खतरे में पडता दिखाई देते देने लगा है।

जानकारी के अनुसार कृषि भूमि से पैदा होने वाली उपज से देश भर का पेट भरने किसान अनाज पैदा करता है तथा कृषि भूमि ही एक मात्र जरिया रहता है जिससे लोग किसान की पैदा वार से अपना पेट भरते हैं परन्तु इस क्षेत्र में लंबे अरसे से इस क्षेत्र की कृषि भूमि पर कालोनाइजरो की नजरें गड गई हैं तथा कृषि भूमि ऊंचे दामों पर लेकर मंहगे दामों पर प्लाटिंग के माध्यम से कालोनाइजरों का खेल चल रहा है तथा बडी बडी कालोनी काटने का जोर बढ गया है तब कालौनाईजरो द्वारा न तो वैधता की ओर ही ध्यान पहुंच सका है हालांकि प्रशासन द्वारा पूर्व में अवैध कालौनाईजरो पर कार्यवाही तो की गई परन्तु इस कार्यवाही के बीच कालोनाइजरों की अपनी ऊंची राजनीतिक मजबूत पकड़ से टांयटांय फिश होकर रह गई तथा लगातार कालौनाईजरो के हौसले बुलंद हो गए ।इसके बाद प्रशासन की चुप्पी पर भी कहीं न कहीं सवाल खड़े होकर दिखाई देने लगे एवं अधिकांश क्षेत्र में कृषि भूमि कालौनाईजरो की जकड़ मे समा गया तब यह कहना मुश्किल हो गया कि कौन सी कालोनी वैध है तथा कौन सी कालोनी अवैध ।इतना ही नहीं बताया जाता है अनेक लोग ऐसे भी हैं जो कृषि भूमि को क्रय कर कृषि फार्म के नाम पर बडे बडे कारोबारी बन चुके है हद तो तब हो जाती हैं जब नगर भर मे छोटे मोटे निर्माण होने पर पुरातत्व विभाग अपनी सीमा क्षेत्र बताकर नोटिस थमाने एवं निर्माण रोकने में पीछे नहीं दिखाई पडता परन्तु बडे बडे निर्माण बेधड़क होते रहते हैं परन्तु ऐसे बडे निर्माण आसानी से तब पूरे हो जाते है जब पुरातत्व विभाग के सीमाक्षेत्र के दायरे में आने के बाद न तो निर्माण पर कोई आपत्ति न ही कोई संज्ञान लेना विभाग पर भी सवाल खड़े करता है तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस क्षेत्र की कृषि भूमि खत्म करने का खेल जोरशोर से चल रहा है तथा प्रशासन की चुप्पी कहीं न कहीं सवाल खड़े कर रही हैं जिससे कृषि भूमि का अस्तित्व खतरे में पडता दिखाई देने लगा है इनका कहना है-
क्षेत्र भर मे जहाँ जहाँ कालोनी काटी जा रही हैं हम उन सभी की जांच करा लेते है तथा जो भी नियम विरुद्ध होगी उनपर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी ।

ललित सक्सेना नायब तहसीलदार सांची

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