रायसेन। किसान जागृति संगठन प्रमुख इरफान जाफरी का कहना हे एक फरवरी को प्रस्तुत देश का बजट सिर्फ कारपोरेट के लिए हे। इसमें किसानो को न तो कोई राहत हे न किसानो का हितैषी बजट हे।
श्री जाफरी ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर किसानों को फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम देने और इसकी खरीदी निर्धारित एमएसपी पर सुनिश्चित करने की बात को भूल कर अब इस सरकार ने कृषि और मंडी व्यवस्था ही कार्पोरेट कम्पनियों को सौंपने के इरादे जाहिर कर दिए हैं l
श्री जाफरी ने कहा हे कि जब खेती संकट में है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, तब मोदी सरकार ने किसानो को राहत देने की बजाय कृषि और कृषी से जुड़ी गतिविधियों के लिए बजट में कमी की है I खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करने का इरादा भी जाहिर कर दिया है I मनरेगा तो यह सरकार पहले ही खत्म कर चुकी है I