विधायक देवेंद्र पटेल के हस्तक्षेप के बाद बहाल हुई सप्लाई
सिलवानी रायसेन। आदिवासी अंचल प्रतापगढ़ वा आदिवासी बाहुल्य कुछ ग्रामों मे बिजली बिल जमा करने के बावजूद विद्युत आपूर्ति काटे जाने से नाराज किसानों ने मंगलवार को प्रतापगढ़ पावर हाउस का घेराव कर करीब 5 घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। घोगरी, नारायणपुर और अमगुआ पपड़ा गांवों के सैकड़ों किसानों ने बिजली विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए सिंचाई प्रभावित होने की बात कही। हालात इतने बिगड़े कि किसानों ने चक्का जाम कर दिया। सूचना मिलते ही सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से चर्चा के बाद किसानों को आश्वासन दिलाया, तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
अचानक काट दी सप्लाई, सिंचाई ठप किसानों का कहना है कि अधिकांश किसानों ने अपने बिजली बिल समय पर जमा कर दिए थे, जबकि कुछ किसानों पर आंशिक बकाया था। इसके बावजूद बिजली विभाग ने पूरे गांवों की सप्लाई अचानक बंद कर दी, जिससे खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई रुक गई और किसानों को भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई।
पावर हाउस पर पहुंचे सैकड़ों किसान बिजली कटौती से आक्रोशित किसान बड़ी संख्या में ग्राम प्रतापगढ़ स्थित पावर हाउस पहुंचे और धरना शुरू कर दिया, जो लगभग 4 से 5 घंटे तक चला। किसानों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल बिजली बहाल करने की मांग की।

विधायक पहुंचे मौके पर, अधिकारियों से कराई बात
धरने की सूचना पर किसानों ने विधायक देवेंद्र पटेल से संपर्क किया। विधायक मौके पर पहुंचे और किसानों के बीच जनसंवाद किया। इसके बाद उन्होंने जिला एवं प्रदेश स्तर के विद्युत अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर समस्या का समाधान कराया। 10% राशि जमा करने पर सप्लाई बहाल करने का आश्वासन विधायक की मौजूदगी में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन उपभोक्ताओं पर बकाया है, यदि वे कुल राशि का 10 प्रतिशत जमा कर देते हैं तो उनकी बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल की जाएगी।
आश्वासन के बाद किसानों ने धरना और चक्का जाम समाप्त किया।धरने में ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद धरना-प्रदर्शन में राजेश (घोगरी), रामपाल (घोगरी), भज्जी भैया (अमगुआ), धनराज (शलाबर्रू), धर्मदास इमने (कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष), धर्मेंद्र राठौर, अकबर, अमीन, सानू भाई सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।