एक साल से ज्यादा समय हो गया सड़क की नहीं हुई मरम्मत, आने जाने वाले राहगीर परेशान
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम अंबाडी मुस्काबाद रोड से लेकर केमखेड़ी गांव तक करोड़ों रुपए की लागत से बनी मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क संपर्कता योजना के तहत बनी सड़क 3 साल बाद ही उखड़ने लगी थी। अंबाडी मुस्काबाद रोड से लेकर केमखेड़ी गांव तक 3.042 किमी की लम्बी सड़क जगह-जगह टूटने और उखड़ने लगी है। पांच साल पहले बनी इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। यहां सड़क सरकारी योजनाओं के तहत बनी सड़कों की सच्चाई बयां करने के लिए काफी है।
अंबाडी मुस्काबाद रोड से लेकर केमखेडी गांव तक रोड का निर्माण प्रमोद कुमार गुप्ता त्रिलोक नगर भोपाल द्वारा किया गया है। जिसमें कुल लंबाई 3.042 किलोमीटर में डमरी कृत 2.707 किलोमीटर सीसी रोड़ का निर्माण 0.335 सहित पुलिया और रपटे बनाए गए हैं। 3.042 किलोमीटर रोड सड़क पर डेढ़ साल पहले ही जगह-जगह गड्ढे बन गए है। कई जगहों से ये सड़क उखड़ने लगी है।

इस रोड का डामर पूरी तरह से गायब हो गया है कई लोग तो इस सड़क के गड्ढे में फंसने से गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यहां सड़क 2020 में बनी थी। सड़क निर्माण के बाद इसकी अवधि पांच साल बताई गई थी इस रोड पर ठेकेदार द्वारा एक बोर्ड भी लगाया गया था। बोर्ड पर साफ तौर पर लिखा था कि रोड का निर्माण 12 जून 2020 में किया गया है। इसकी गारंटी 5 साल तक रहेगी। मगर 5 साल तो दूर चौथे साल में ही इस सड़क की हालत खराब हो गई है। 1 साल से सड़क की हालत खराब पड़ी हुई है अभी तक उसकी मरम्मत नहीं की गई है। गारंटी पीरियड होने के बावजूद भी ठेकेदार ने रोड की मरम्मत नहीं की है।
गुणवत्ता का नहीं रखा गया ध्यान
मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क संपर्कता योजना के तहत बनी सड़क लम्बे समय तक सही रहती है। हालांकि इस सड़क को देख ये धारणा अपने आप खत्म हो जाती है कि सरकारी सड़क निर्माण में गुणवत्ता का खासा ध्यान रखा जाता है सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप होता है, लेकिन आज 3.042किमी लम्बी इस सड़क की हालत देख लोगों का यह यकीन डगमगाने लगा है। वहीं इस सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। सड़क खराब होने से हादसे बढ़ते हैं। इसी सड़क पर अंबाडी छपरई पुलिया पड़ती है इस पुलिया में बारिश के समय पानी भर जाने के कारण है रास्ता पूर्ण रूप से 4 महीना के लिए बंद हो जाता है। साल भर में केवल 6 महीने ही या रास्ता खुलता है उसके बावजूद भी 4 साल में सड़क खराब होना सोच से परे है।
बता दें कि इस रोड से केमखेड़ी, पिपरई , मुनारा, खेड़ा टपरा , काली टोर सहित 6 गांव जुड़े हैं इस रोड से होकर लोग दीवानगंज, अंबाडी, भोपाल विदिशा रायसेन सांची आते जाते है। रोड की स्थिति ऐसी की 50 के स्पीड में चलने पर दोपहिया गाड़ी लहराने लगती है. जिसकी वजह से राहगीर गिरकर दुर्घटना का शिकार भी हो जाते हैं। फूल सिंह पटेल, तुला राम, मोकम सिंह, गणेश राम, भवानी सिंह आदि ग्रामीणों ने इस रोड मरम्मत की मांग सरकार से की है।