एक सप्ताह से बारिश गायब, केवल 30% रोपाई पूरी; ट्यूबवेल भी दे रहे जवाब, हजारों एकड़ फसल पर मंडराया खतरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के दीवानगंज सहित अंबाड़ी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, करैया, गिदगढ़, सत्ती, बांसिया, हिनोतिया, भंवरखेड़ी, बालमपुर, कुलहड़िया, देहरी और आसपास के करीब 50 गांवों में मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपाई का काम लगभग ठप हो गया है। समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं मिलने से खेत सूखने लगे हैं और किसानों के सामने खरीफ सीजन की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
क्षेत्र के करीब 70 प्रतिशत किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जबकि केवल लगभग 30 प्रतिशत किसानों ने ट्यूबवेल के सहारे धान की रोपाई शुरू की है। जिन किसानों ने शुरुआती बारिश के भरोसे खेतों में धान का पौधा लगा दिया था, उनके खेतों में अब पानी की कमी के कारण पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। किसानों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में झमाझम बारिश नहीं हुई तो दोबारा रोपाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत और मेहनत दोनों बढ़ जाएंगी।
दीवानगंज, सेमरा, अंबाड़ी, नरखेड़ा और जमुनिया सहित कई गांवों में खेत पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन पानी के अभाव में किसान रोपाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। जिन किसानों के पास सिंचाई के सीमित साधन हैं, वे भी लगातार ट्यूबवेल से पानी देने में असमर्थ हो रहे हैं। लगातार सिंचाई के कारण कई ट्यूबवेल का जलस्तर भी घटने लगा है। किसानों का कहना है कि दिनभर खेत में पानी भरने के बाद सुबह तक खेत फिर सूख जाते हैं।

धान की खेती पूरी तरह मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। ऐसे में जुलाई के अंतिम सप्ताह तक भी पर्याप्त वर्षा नहीं होने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यदि जल्द मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो हजारों एकड़ में धान की फसल प्रभावित होगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि बढ़ती खेती की लागत, डीजल और बिजली के खर्च के बीच ट्यूबवेल से सिंचाई करना भी आसान नहीं रह गया है। ऐसे में अब पूरे क्षेत्र के किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और वे अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों ने बयां किया दर्द
जितेंद्र साहू, किसान, अंबाड़ी ने बताया, “मैंने एक महीने पहले अपने खेत में धान के गड़े तैयार कर लिए थे ताकि बारिश होते ही रोपाई शुरू कर सकूं, लेकिन अब तक झमाझम बारिश नहीं हुई। खेत तैयार हैं, लेकिन पानी नहीं होने से रोपाई शुरू नहीं हो पा रही है।”
रघुवीर सिंह मीणा, किसान ने कहा, “हम एक महीने से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। धान का रोप तैयार होकर बड़ा हो गया है और अब खराब होने लगा है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो पूरी फसल प्रभावित हो जाएगी।”