दीवानगंज समिति के सामने 80 मीटर आरसीसी सड़क निर्माण शुरू, वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या से मिलेगी राहत
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
वर्षों से जलभराव और जर्जर सड़क की समस्या से जूझ रहे दीवानगंज क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दीवानगंज समिति के सामने लगभग 70 से 80 मीटर लंबी आरसीसी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके साथ ही अंबाड़ी स्थित अयोध्या धाम मंदिर के सामने बने दो बड़े गड्ढों को भी भरने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे वहां भी लगातार बनी रहने वाली जलभराव की समस्या का समाधान होगा।
गौरतलब है कि दीवानगंज समिति के सामने सड़क लंबे समय से पूरी तरह खराब हो चुकी थी। बारिश हो या सामान्य दिन, इस स्थान पर पूरे वर्ष पानी भरा रहता था। इसी तरह अयोध्या धाम मंदिर के सामने बने बड़े गड्ढों में भी हमेशा पानी जमा रहने से श्रद्धालुओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा दोनों स्थानों पर अस्थायी रूप से मुरम डलवाकर आवागमन सुचारु करने का प्रयास किया गया था, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं था।
ग्रामीणों की लगातार मांग और समस्या की गंभीरता को देखते हुए अब समिति के सामने 80 मीटर आरसीसी सड़क का निर्माण शुरू कर दिया गया है। वहीं अयोध्या धाम मंदिर के सामने बने गड्ढों को भी भरकर सड़क समतल की जाएगी।
यह मार्ग दीवानगंज रेलवे स्टेशन तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जिससे लगभग 25 से 30 गांवों के हजारों ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बरसात के दिनों में जलभराव के कारण लोगों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था।
दीवानगंज समिति के सामने प्रत्येक रविवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट बाजार भी इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित होता था। पानी भरे रहने के कारण दुकानदारों को दुकान लगाने में कठिनाई होती थी, वहीं ग्राहकों को भी खरीदारी के दौरान परेशानी उठानी पड़ती थी। कई वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान की मांग लगातार उठाई जा रही थी।
अब आरसीसी सड़क निर्माण शुरू होने और अयोध्या धाम मंदिर के सामने गड्ढे भरने की पहल से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आवागमन आसान होगा, जलभराव की समस्या समाप्त होगी और साप्ताहिक हाट बाजार सहित आसपास के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।