बालमपुर की आस्था का केंद्र बनेगा प्राचीन खेड़ापति माता मंदिर, ग्रामीणों के सहयोग से शुरू हुआ जीर्णोद्धार
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर स्थित बालमपुर गांव में स्थित वर्षों पुराने प्राचीन खेड़ापति माता मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य ग्रामीणों के सहयोग से विधिवत प्रारंभ हो गया है। लंबे समय से यह मंदिर बिना छत के खुले आसमान के नीचे था, जिससे बारिश और धूप के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब गांव के लोगों ने सामूहिक पहल करते हुए मंदिर के पुनर्निर्माण का बीड़ा उठाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि खेड़ापति माता मंदिर गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का दर्शन-पूजन के लिए आना-जाना लगा रहता है। विशेष रूप से चैत्र और शारदीय नवरात्रि में बड़ी संख्या में भक्त माता के दरबार में पहुंचकर जल अर्पित करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर परिसर में समय-समय पर रामायण पाठ एवं अन्य धार्मिक आयोजनों का भी आयोजन किया जाता है।

खेड़ापति माता मंदिर के समीप हनुमान जी का मंदिर भी स्थित है, जबकि कुछ दूरी पर हाल ही में निर्मित भव्य ठाकुर बाबा मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ठाकुर बाबा मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष होली के भाईदूज पर्व पर विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से लोग शामिल होते हैं। इस अवसर पर पूरी रात पारंपरिक राई नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां होती हैं, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती हैं।
वही हाईवे 18 बालमपुर पर स्थित हनुमान मंदिर, राम जानकी मंदिर पर भी समय-समय पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है। कुछ दिन पहले ही इस मंदिर पर भक्तों द्वारा विशाल 25. 500 ग्राम का पीतल का घंटार चढ़ाया गया है
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्धार से न केवल धार्मिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, बल्कि गांव की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत भी सुरक्षित रहेगी। निर्माण कार्य में ग्रामीण बढ़-चढ़कर श्रमदान और आर्थिक सहयोग कर रहे हैं।
गांव के ग्रामीण आत्माराम मीणा, हरि सिंह मीणा, अमन सिंह मीणा, लीला किशन विश्वकर्मा, इमरत सिंह राय, तोरण मेहर, महाराज सिंह मीणा, जगन्नाथ सिंह मीणा, भगवान सिंह मीणा , विष्णु मीना, सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।