Let’s travel together.

मौनिया नृत्य: लोक परंपरा में झलकती आस्था और गौ-सेवा की भावना

0 395

मौन धारण कर मंदिरों में पूजन और नृत्य: जीव रक्षा और गौधन संरक्षण का संदेश

धीरज जॉनसन, दमोह

दमोह जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में इन दिनों लोक संस्कृति की अनोखी छटा बिखरी हुई है। दीपावली के दूसरे दिन से शुरू हुआ मौनिया नृत्य आज भी परंपरा और आस्था के साथ जीवित है। ग्रामीण क्षेत्रों में वेशभूषा, लाठी और मोरपंख से सजे युवक टोली बनाकर मौन धारण करते हुए गांव-गांव जा रहे हैं। ये टोलियां मंदिरों में दर्शन कर नृत्य प्रस्तुत करती हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बन गया है।

ग्राम सतपारा निवासी भूपेंद्र विश्वकर्मा बताते हैं कि इस क्षेत्र में भी यह धार्मिक परंपरा जीवित है। मौनिया टोली ग्राम सतपारा, मिर्जापुर, सूखा, टीला, बंसौली, खिरिया, जगथर, बोतराई, नेंगवा, कठारा और रमगढ़ा से होते हुए ग्राम गौरैया पहुंचेगी। जहां-जहां यह टोली जाती है, ग्रामीण जन उनका स्वागत करते हैं। मौनिया दल पूरे दिन मौन रहते हैं, मंदिरों में माथा टेकते हैं, प्यास लगने पर पशुओं की तरह पानी पीते हैं और लकड़ी के सहारे बैठते हैं ताकि वे पशु पीड़ा का अनुभव कर सकें।

दमोह निवासी पवन यादव बताते हैं कि मौनिया नृत्य गौधन संरक्षण, संवर्धन और रक्षा का प्रतीक है। यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। प्रातःकाल व्रत धारण कर गुरु कान में मंत्र देता है, फिर गाय के नीचे से निकलकर मोरपंख और बोबई का पौधा लेकर टोली गांव-गांव भ्रमण करती है। रास्ते में गोपाल बाबा, कारसदेव, कमली बाबा जैसे स्थानों पर पूजन कर माथा टेकती है। दिनभर नृत्य और पूजा के बाद शाम को पुनः गाय के नीचे से निकलकर व्रत का समापन किया जाता है।

मौन धारण करने का उद्देश्य जप और आत्मसंयम के माध्यम से जीव रक्षा का संदेश देना है। यह लोक परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता और संवेदनशीलता का भाव भी जगाती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

जातिवार आबादी की गिनती दोधारी तलवार की तरह है ..अजय बोकिल     |     जर्दे का गुटखा नहीं देने पर किसान पर जानलेवा हमला, गंभीर हालत में भोपाल रेफर     |     रक्षाबंधन पर पीएम श्री स्कूल में मेहंदी और राखी मेकिंग प्रतियोगिता     |     नवनिर्मित मंदिर में भगवान शिव-पार्वती परिवार की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न     |     सिलवानी में सहकारी समिति के सेल्समैन की मौत, कार्यगत दबाव के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग     |     महंगाई के खिलाफ जनता की आवाज – 27 अगस्त को कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन     |     सरकारी कर्मचारियों की तरह सहकारी कर्मचारियों को भी मिले सम्मानजनक वेतन-भत्ते और प्रमोशन      |     त्यौहार से ठीक पहले शक्कर कडवी क्यों हुई ?     |     सोमनाथ में रही पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था,30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं पहुंचे एक ही दिन     |     धरसीवा के बरबंदा में जन्मे स्वामी आत्मानंद जी की 37 वी पुण्यतिथि 27 अगस्त को     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811