कर्मचारियों का चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान 1 जुलाई 2020 से हो लागू- मुरारीलाल सोनी वरिष्ठ कर्मचारी नेता
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सहायक शिक्षकों और शिक्षकों को 1 जुलाई 2023 की स्थिति में 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान लागू करने की घोषणा की है, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार आगामी कैबिनेट में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलना तय है, लेकिन घोषणा के बाद लगभग 85000 ऐसे रिटायर्ड शिक्षक 1 जुलाई 2020 के स्थान पर 1 जुलाई 23 से लागू करने की घोषणा से नाराज हो गए है, जो चतुर्थ कर्मोंन्नत 1 जुलाई 2020 से लागू होने की आस लगाए बैठे थे,वरिष्ठ कर्मचारी नेता मुरारीलाल सोनी का कहना है कि 1 जुलाई 2020 से 30 जून 2023 तक लगभग 85,000 ऐसे शिक्षक है जो इस अवधि में 35 वर्ष की सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हो चुके हैं|
वित्त मंत्री ने भी लिखी थी नोटशीट
श्री मुरारीलाल सोनी का कहना है प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री को इस स्थिति से अवगत कराया था और वित्त मंत्री ने 1 जुलाई 2020 से लागू किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए वित्त विभाग को नोट शीट लिखी थी लेकिन अफसरशाही की मनमानी के कारण वेतनमान लागू होने की तिथि 1 जुलाई 2020 के स्थान पर 1 जुलाई 2023 कर दी गई, प्रस्ताव मई 2025 में कैबिनेट में आना था, उच्च स्तर पर अधिकारियों की मनमानी से प्रस्ताव लंबित हुआ है 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ वेतनमान लागू करने के कारण 35 साल की सेवा पूर्ण करने वाले सेवानिवृत हुए शिक्षक इस लाभ से वंचित हो रहे हैं,इस निर्णय से सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन में भारी आर्थिक नुकसान होगा, जो उनके जीवन-यापन पर प्रतिकूल असर डालेगा जिन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा के उत्थान और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में समर्पित किया, उनके साथ यह अन्यायपूर्ण स्थिति अस्वीकार्य है। वरिष्ठ कर्मचारी नेता मुरारी लाल सोनी ने मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश सरकार से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान को 1 जुलाई 2020 से प्रभावशील किए जाने की मांग दोहराई है ताकि सेवानिवृत्त एवं वर्तमान दोनों शिक्षकों को समान लाभ मिल सके और न्याय की भावना साकार हो।