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मोदी सरकार का सहरिया आदिवासियों की हेल्थ पर विशेष फोकस, दस मोबाइल मेडिकल यूनिट गांव-गांव घूम कर करेंगीं इलाज

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– 186 सहरिया बाहुल्य गांवों में पहुंचेगा अस्पताल, घर-घर दस्तक देंगे डाक्टर

– आदिवासियों को बीमारी से निजात दिलाने शुरू होंगे चलित अस्पताल

 रंजीत गुप्ता शिवपुरी

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जिले के सहरिया आदिवासियों के हेल्थ पर विशेष ध्यान देने की पहल शुरू की है। इसी क्रम में इन सहरिया आदिवासियों के स्वास्थ्य देखभाल के लिए पीएम जनमन योजना के तहत 10 मेडिकल मोबाइल यूनिट एंबुलेंस की शुरुआत की गई है। यह यूनिट गांव-गांव जाकर सहरिया आदिवासी समाज को उपचार मुहैया कराएंगी।

सहरिया बाहुल्य 186 गांवों में आदिवासियों के घर तक दस्तक देगी एम्बुलेंस-

शिवपुरी जिले में सहरिया बाहुल्य गांवों में आदिवासी समुदाय की विभिन्न बीमारियों की चपेट में आकर, समय पर उपचार न कराने के कारण बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बावजूद मृत्युदर में कमी नहीं आ रही है। इसके अलावा सहरिया समाज अभी भी गांव के झोलाझाप डाक्टरों तक ही सीमित रहकर अपने मर्ज को बिगाड़ता रहता है, इस कारण गंभीर बीमारियों की शुरूआत में ही स्क्रीनिंग नहीं हो पाती। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शिवपुरी जिले के सहरिया बाहुल्य 186 गांवों में आदिवासियों के घर तक दस्तक देकर उन्हें उपचार मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री जनजाति न्याय महाभियान योजना तैयार की है।

दस मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वीकृत की गई-

इसी क्रम में शिवपुरी जिले में दस मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वीकृत की गई हैं। यह यूनिट गांव-गांव जाकर सहरिया आदिवासी समाज को उपचार मुहैया कराएंगी। इन मोबाइल यूनिट का संचालन राज्य स्तर से सांइंराम टेकनो मैनेजमेंट शोल्यूशन प्रायवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। जिले भर में इन मोबाइल यूनिट का शुभारंभ किया गया है। शिवपुरी, कोलारस, बदरवास, पिछोर, पोहरी व करैरा में विधायकों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इन मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर इन्हें अपने-अपने क्षेत्र में काम करने के लिए रवाना कर दिया गया।

एक मोबाइल यूनिट एक दिन में दो गांव कवर करेगी-

वहीं शासन ने पोहरी और पिछोर क्षेत्र में दो-दो मोबाइल मेडिकल यूनिट
जबकि शेष जगह एक-एक यूनिट प्रदान की हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा संजय ऋषिस्वर का कहना है कि पोहरी और पिछोर में आदिवासी बाहुल्य गांव अधिक होने के कारण वहां दो-दो मोवाइल मेडिकल यूनिट प्रदान की गई हैं। एक मोबाइल यूनिट एक दिन में दो गांव कवर करेगी। इसके अलावा इन वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ है, जिसकी मानीटरिंग भोपाल से ही की जाएगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन भोपाल से ही किया जाएगा

क्या होगा इस मोबाइल मेडिकल यूनिट में-

इस मोवाइल यूनिट में एक डाक्टर, फिजियोथैरेपिस्ट, एक लेब टेक्निशियन, एक स्टाफ नर्स, एक एएनएम व ड्रायवर मौजूद रहेंगे। यह स्टाफ मोबइल मेडिकल यूनिट के साथ गांव पहुंचेगा। मरीजों का उपचार प्रदान करेगा। उनकी जांचें कर उन्हें दवाएं उपलब्ध करवाएगा। अगर मरीजों का उपचार करने या मर्ज को समझने के लिए कोई जांच करनी होगी तो लेब टेक्निशियन वहीं पर जांच भी करेगा। इतना नहीं गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, खून की जांच, टीवी की जांच के साथ-साथ बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी गांव में ही किया जाएगा। अगर कोई केस क्रिटिकल होता है तो उस केस के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों किो सूचित किया जाएगा ताकि मरीज को अस्पताल ले जाकर उपचार प्रदान किया जा सके।

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