सेमरी गांव की बेटी,पर्वतारोही अंजना यादव 15 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंचे पर्वत कोसियसको पर फहराएंगी तिरंगा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
रायसेन जिले के सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले दीवानगंज ,सेमरी गांव की बेटी और पर्वतारोही अंजना यादव इस 15 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंचे पर्वत कोसियसको पर तिरंगा फहराएंगी।
पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर ग्राम सेमरी, दीवानगंज की अंजला यादव ने स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को यूरोप की सबसे ऊँची चोटी माउण्ट एल्बुस जो कि 18510फीट ऊंची है उसे पर सुबह 10 बजे तिरंगा फहराया था। उस समय जिला कलेक्ट्रेट सभाग्रह में जिला कलेक्टर श्री अरविन्द दुबे द्वारा अंजना यादव को राष्ट्रध्वज सम्मान पूर्वक सौपते हुये माउण्ट एल्बुस के आरोहरण की शुभकामनाओं देते हुए रवाना किया था अंजना ने इस माउंट डे पर इसका खुलासा किया।

अंजना ने फ़ोन पर बताया कि वे इसके लिए खास तैयारियों में जुटी हुई हैं। वे इसके लिए रोजना कई किलोमीटर दौड़ने के साथ आज भी रोज 10 किलोमीटर साइकिल चलाती हैं।
अंजना ने बताया कि गत वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर ही उन्होंने यूरोप की माउंट एल्बुस चोटी पर तिरंगा फहराया था। उन्होंने अभियान के लिए दीवानगंज की पहाड़ियों पर तैयारी की थी। अंजना के गांव सेमरी में बहुत से छोटे-छोटे पहाड़ हैं, जिसमें सोनागिरि, हलाली बांध आदि हैं, इनका काफी सहारा मिला और इन्हीं जगहों पर तैयारी की। इसके अलावा भोपाल की मनुआभान टेकरी को कई बार चढ़कर अभ्यास किया। छह किमी प्रतिदिन दौड़ना और तैरना इस अभियान को पूरा करने में मददगार साबित हुआ।

अंजना ने बताया कि उनके पति नरेंद्र यादव जो खुद भी बेग्लुरु की एक कंपनी में आईटी इंजीनियर हैं और उन्हें काफी सहयोग करते हैं और उनके इस काम को खूब आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि इसी का नतीजा है कि वे आगामी 15 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के कोसियसको पर्वत की चोटी छुरंगी और देश का नाम नाम रोशन करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 2025 में उनका प्लान एवरेस्ट फतह करने का भी है।
अंजना यादव 10 अगस्त को कोसियसको के लिए निकलेंगे और 19 अगस्त को वापस आएंगी। जब तक मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।
अंजना यादव ने 15 अगस्त 2021 को हिमाचल की यूनम पीक 20 हजार फीट को फतह किया। इसके बाद माउंट फ्रेंडशिप पीक 17,346 फीट, माउंट रैनो पीक 16,023 फीट, माउंट एवरेस्ट बेस हैं. 17,598 फीट, माउंट गोकू पीक 17,929 फीट और माउंट पतालशू पीक 13,800 फीट पर भी चढ़ाई कर ध्वजारोहण कर चुकी हैं। मुझे आगे भी और कई पर्वतों पर पहुंच कर भारत का नाम रोशन करना है। इसके लिए मैं रोज कड़ी से कड़ी मेहनत कर रही हूं।