हलाली डैम मार्ग बना हादसों का इंतजार, पुराना रास्ता बंद कर 100 फीट गहरी खाई के किनारे से गुजरने को मजबूर हैं लोग
– बारिश में पहुंचते हैं हजारों पर्यटक
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हलाली डैम से बैरसिया जाने वाले मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। डैम निर्माण के दौरान जिस पुराने मार्ग से वर्षों से आम नागरिक और वाहन चालक सुरक्षित आवाजाही करते थे, उसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके बाद लोगों को एक वैकल्पिक मार्ग से गुजरना पड़ रहा है, जो बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्तमान मार्ग के दोनों ओर गहरी खाई बनी हुई है। सड़क संकरी होने के कारण दो बड़े वाहनों का आमने-सामने निकलना भी मुश्किल हो जाता है। यदि किसी वाहन का संतुलन बिगड़ जाए या चालक से थोड़ी भी चूक हो जाए, तो वाहन सीधे लगभग 100 फीट गहरी खाई में गिर सकता है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

बारिश के मौसम में जब भी ओवरफ्लो चालू होता है हजारों की तादाद में सैलानी भोपाल ,विदिशा, बेरसिया सहित कई ग्रामीण अंचलों से ओवरफ्लो देखने के लिए इसी मार्ग से होते हुए पहुंचते हैं। ऐसे में अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन बैरसिया, भोपाल और आसपास के 20 गांवों के लोग आवागमन करते हैं। बारिश के मौसम में सड़क और भी फिसलन भरी हो जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बावजूद इसके अब तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
लोगों ने मांग की है कि या तो पुराने मार्ग को पुनः चालू किया जाए अथवा वर्तमान मार्ग पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग, क्रैश बैरियर, चेतावनी संकेतक और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तत्काल लगाई जाए, ताकि किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सके।
हलाली डैम पर 2 साल पहले ही सरकार ने हलाली डेम के ओवरफ्लो वाले स्थान पर 5 चैनल गेट का निर्माण कार्य कार्य कराया गया है। निर्माण कार्य में लगभग 24.59 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसके लिए 12 मीटर ऊंचाई वाले 5 पिलर का निर्माण कार्य कराया गया है।
हलाली डेम के पानी से नष्ट होने वाली फसलों को बचाने के लिए इन चैनल गेटों का निर्माण कार्य कराया गया है। डेम का जल स्तर बढ़ने से इन 5 गेटों से 1750 क्यूसेक पानी छोड़ा जा सकेगा।
स्थानीय लोगों की मांग
बंद किए गए पुराने मार्ग को फिर से खोला जाए,खाई वाले हिस्से में मजबूत क्रैश बैरियर और रेलिंग लगाई जाए,चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए,संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे,
यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई, तो यह मार्ग कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है और इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
इनका कहना हे
40 साल पहले हलाली डैम का निर्माण कार्य हुआ था उस समय रास्ता बनाया गया था लेकिन उस रास्ते को अब बंद कर दिया गया है दूसरे रास्ते से आगमन प्रारंभ हैं। यह रास्ता जोखिम भरा हुआ है।
दीवानगंज सरपंच गिरजेश नायक
जिस रास्ते से आगमन चालू है उसके दोनों ओर 100 फिट गहराई की खाई है अगर ऐसे में कोई वाहन गिरता है तो उसके परखच्चे उड़ जाएंगे। जिससे जान माल दोनों की हानि होगी।
मुकेश साहू स्थानीय निवासी