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नेट परीक्षा निरस्त होते ही सहायक प्राध्यापक भर्ती पर उठने लगे सवाल

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-अतिथि विद्वानों की भर्ती पूरी पारदर्शिता एवं नीतिगत होती है,क्या इसीलिए नही हो रहा नियमितीकरण-महासंघ
भोपाल।सूबे की सियासत धीरे धीरे उबाल लेने लगी है।हाल ही में नेट की परीक्षा में हुई गड़बड़ी धांधली के कारण निरस्त हुई जिसको लेकर होने वाली सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।अतिथि विद्वान महासंघ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए सरकार से बड़ा सवाल किया है और पूछा है कि अतिथि विद्वानों की भर्ती पूरी पारदर्शिता एवं नीतिगत इंडिया लेबल मेरिट के आधार पर होती है क्या इसीलिए अतिथि विद्वानों को सरकार नियमित या स्थाई नियुक्ति भविष्य सुरक्षित नही कर रही है?? इस सवाल से लाज़मी है कि शासन प्रशासन को एक बार फिर सोचने में मजबूर कर दिया है।तो वहीं विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गया है।कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल चौधरी ने ट्वीट करते हुए सरकार को घेरा है।यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि इस नेट परीक्षा के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर डायरेक्ट उंगली उठाने लगी।
इनका कहना हे-
आज पूरे प्रदेश के सरकारी कॉलेज सिर्फ और सिर्फ अतिथि विद्वानों के भरोसे वर्षों से चल रहे हैं लेकिन अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित नहीं।दूसरे राज्यों के नेट सेट की फर्जी प्रमाण पत्र लेकर मध्य प्रदेश में प्रोफ़ेसर बन रहे हैं।सरकार इस असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को तत्काल निरस्त करे एवं नेट के प्रमाण पत्र की जांच करे।
डॉ देवराज सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अतिथि विद्वान महासंघ

नेट में हुई धांधली के चलते इस भर्ती को निरस्त किया गया है।अतिथि विद्वान लंबे समय से सेवा दे रहे हैं।सरकार ने विद्वानों को नियमित करने को कहा था लेकिन हुआ नही।रिक्त पदों में सेवा देने वाले अतिथि विद्वानो को नियमित कर भविष्य सुरक्षित करे भाजपा।इस सहायक प्राध्यापक भर्ती को रोक कर नेट सेट के प्रमाणपत्र की गहनता से जांच हो।
कुणाल चौधरी,पूर्व विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस

इनका कहना हे –
मध्य प्रदेश में दूसरे राज्यों के लोग फर्जी नेट/सेट का प्रमाणपत्र लेकर नॉकरी कर रहे हैं और प्रदेश के मूल निवासी अतिथि विद्वान तिल तिल मर रहे हैं।अतिथि विद्वानों की भर्ती पूरी पारदर्शिता के साथ होती है नियमों इंडिया मेरिट के आधार पर तो क्या अतिथि विद्वानों को इसकी सजा दी जा रही है नियमित ना करके।मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री इस तरफ़ तत्काल ध्यान दें एवं अतिथि विद्वानों का समायोजन करें।
डॉ आशीष पांडेय,मीडिया प्रभारी,महासंघ

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