यशवंत सराठे बरेली रायसेन
प्रदेश के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल प्रबुद्ध नेताओं में गिने जाते हैं। यहां एक कार्यक्रम में पटेल के उद्बोधन ने उन्हे छात्रों और युवाओं के साथ ही जनता के बीच भी प्रेरक विचारों के साथ प्रेरक व्यक्तित्व के रूप में भी स्थापित किया है। कार्यक्रम के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने यह बात कही।
अवसर था, डेफोडिल्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन द्वारा आयोजित मंथन कार्यक्रम का। ख्यात शिक्षाविद और विचारक अवध ओझा के प्रेरणादायी विचारों के क्रम में राज्य के शिक्षा और परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के मुख्यातिथ्य, नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत राजा भैया चौधरी की अध्यक्षता और पूर्व विधायक देवेंद्र सिंह पटेल के विशेष आतिथ्य में विशिष्ट अतिथि मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अपने जीवन के कुछ अनुभवों को बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं से साझा किया। उन्होने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ प्रेरणा और बहुत अधिक परिश्रम अच्छे परिणाम देकर रहता है।
बड़ी सोच के साथ चालीस साल की यात्रा
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि ऐसे कुल तीन महीने में वे भाजपा के एक साधारण कार्यकर्ता से मंत्री पद तक पहुंच गए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर 2024 को उन्हे भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किया और अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर को उन्हे मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने का अवसर मिला। लेकिन यह अनायास नहीं हुआ। इसके पीछे चालीस सालों की एक बड़ी सोच लेकर निरन्तर चलती रही यात्रा है। उन्होने यह भी बताया कि कठिन परिश्रम और संघर्ष से वे विचलित नहीं हुए। हालांकि इस अवधि में कुछ लोग बनते चले( गए और कुछ बिगड़ते भी रहे। हम कहते रहे कि हम बने नहीं तो बिगड़े भी नहीं।
200 गांवों में घर-घर संपर्क
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इशारों-इशारों में जताया कि विधानसभा चुनाव में टिकिट के समय ऐसा लगता था कि सभी स्थापित नेता एक तरफ हैं और वे अकेले एक तरफ हैं। चुनाव में भी कुछ ऐसा ही लग रहा था। लेकिन भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं और जनसामान्य ने उन पर जमकर लाड़ उडेल दिया। पटेल ने कहा कि वे जीत का लक्ष्य लेकर चुनावी समर में पूरे भरोसे के साथ कूद पड़े। इस बीच उन्होने 200 गांवों में घर-घर जाकर लोगों से सीधा संपर्क किया।
यह भी बता डाला मंत्री पटेल ने क्षेत्र में राजनीतिक विरोध के बावजूद परस्पर सौहार्द्र और सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। इसका उदाहरण इस कार्यक्रम में भी देखने को मिला। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने चुनावी दौर की बात करते हुए यह भी बता डाला कि उन्हे निवृत्तमान विधायक और चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र सिंह पटेल का आशीर्वाद भी मिला था। पटेल ने बताया कि भाजपा उन्हे प्रत्याशी घोषित कर चुकी थी, जबकि कांग्रेस ने क्षेत्र से प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं किया था। देवेंद्र पटेल मिल गए तो मैने बड़े भाई के नाते उन्हे प्रणाम किया और आशीर्वाद मांगा। मुझे उनका भी आशीर्वाद मिला। जब पटेल यह प्रसंग सुना रहे थे तो पूर्व विधायक देवेंद्र पटेल मुस्कराते रहे।