दमोह से धीरज जॉनसन
दमोह जिला मुख्यालय से बालाकोट मार्ग पर ग्राम हथना से करीब तीन किमी कच्चे मार्ग से पहुंचने पर किल्लाई ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले कुछ घर तालाब के किनारे बसे हुए दिखाई देते है जहां बारिश के मौसम में पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है हालांकि घरों के सामने कुछ दूरी तक तो सीमेंट- कांक्रीट की सड़क दिखाई देती है परंतु मुख्य सड़क से यहां तक पहुंच मार्ग न होने से ग्रामीणों को आवागमन में असुविधा होती है।

शासकीय प्राथमिक शाला,नाथो का टोला लिखा हुआ एक भवन भी यहां दिखाई देता है जो अभी भी काफी अच्छी हालात में है।जानकारी के अनुसार पूर्व में छात्र संख्या की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया।अब यहां के छोटे बच्चे खेतों की मेढों से पैदल चलकर कुछ दूरी पर बने स्कूल में पढ़ने जाते है,या कभी कभी इनके पालक इन्हे स्कूल पहुंचाने जाते है क्योंकि रास्ता जोखिम भरा हुआ भी है।

स्थानीय निवासी बलराम, विष्णु, नर्मदा, रोशन ने बताया कि यहां करीब 100 से ज्यादा आबादी है इसे तालाब की हार भी कहते है। छोटे बच्चे भी 15 से ज्यादा है जिन्हे खेतों, उबड़ खाबड़,कच्चे मार्ग से होकर स्कूल जाना पड़ता है यहां प्राथमिक स्कूल था पर अब वह बंद है। इस भवन का जनहित में अन्य उपयोग हो सकता है,सड़क मार्ग न होने से कोई भी घरेलू सामग्री और बीमारी के समय अस्पताल जाने में बहुत दिक्कत होती है। इस संबंध में किल्लाई ग्राम पंचायत के सचिव राम बिहारी का कहना था कि वे कुछ समय पूर्व ही यहां आए है सड़क मार्ग बनने में जो रुकावट होगी उसकी जानकारी ली जाएगी फिर इसे बनाने का प्रयास किया जाएगा,स्कूल का भवन जो बंद है जनहित में उसके बेहतर उपयोग के लिए भी कोशिश की जाएगी जिससे भवन सुरक्षित रह सके।छोटे बच्चो को ध्यान में रखकर आंगनबाड़ी केंद्र भी खोला जा सकता है।
न्यूज स्रोत:धीरज जॉनसन