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लाखों रुपए बिजली बिल भुगतान के बाद भी पर्यटन स्थल अंधेरे में

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साँची रायसेन से देवेंद्र तिवारी

सांची,को ऐतिहासिक धरोहर होने के कारण विश्व पर्यटक स्थल का दर्जा मिला हुआ है इस स्थल के अनुरूप ढालने सरकारें अपने अपने स्तर पर प्रयास रत है परन्तु कहीं न कहीं स्थानीय स्तर पर इस स्थल कायापलट अनदेखी के चलते नहीं हो पा रहा है जिससे नगर का ढर्रा बदल नहीं सका । वैसे नगर को रोशन करने के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं परन्तु शाम होते ही नगर को अंधेरा अपनी जकड में ले लेता है जिससे लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती।
जानकारी के अनुसार यह स्थल विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाये हुए हैं इसी पहचान को और अधिक प्रसिद्धि का जामा पहनाने सरकारें भी प्रयास रत है तथा विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतार कर इस स्थल को इसके अनुरूप ढालने प्रयास रत बनी हुई है तथा समय समय पर आवश्यकता अनुसार राशि भी आवंटित कर देती है परन्तु इस नगर का कायाकल्प पलटने का नाम नहीं ले पा रहा है हालांकि सरकारी राशियों में हुआ लाखों रुपए का गड़बड़झाला समय समय पर उजागर होता रहा है तथा यहां होने वाली तमाम गड़बड़ी भी नगर में चर्चित होकर लोगों की जुबान पर आती रही है नगर को रोशन करने एल ए डी लाइटों की खरीद फरोख्त भी समय समय पर होती रही परन्तु खरीद फरोख्त की गई लाइटों को कहा लगाया गया किसी को भी पता नहीं है इन एल ए डी लाइटों का मामला कुछ वर्ष पूर्व भी चर्चा में आया था तथा तब उस समय यहां पदस्थ अधिकारियों ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया था कि नगर में लगी लाइट खंभों से चोरी चली गई तब मामला दबा दिया गया तथा सरकार के लाखों रुपए की बलि चढ़ा दी गई । कहने को तो इस नगर में बिजली के लाखों रुपए भुगतान किया जाता है जिसमें स्ट्रीट लाइट सहित कार्यालय तथा पेयजलापूर्ति हेतु बिजली शामिल हैं हालांकि नगर वासियों से पेयजलापूर्ति एवं प्रकाश कर सफाई शिक्षा विकास के नाम पर विभिन्न करो की वसूली तो की जाती है परन्तु सुविधाएं मात्र कागजी होकर रह जाती है तथा नगर वासी इन मूलभूत सुविधाओं से मेहरूम रहते हैं ऐसा भी नहीं है कि नगर वासी इन सुविधाओं की मांग न करते हों परन्तु जब जब इन सुविधाओं की ओर नप का ध्यान आकर्षित किया जाता है तब तब मात्र खोखली दिलासा ही लोगों को मिल पाती है । जिससे यह प्रसिद्ध नगरी विकास की सीढ़ी नहीं चढ़ पाती जिससे यह नगर मात्र विकास के नाम पर ठगा सा रह जाता है यही हाल इन दिनों इस स्थल को अंधेरे की आगोश ने जकड़ रखा है जिससे लोगों को अंधेरे में सड़कों पर कीड़े कांटों का डर बना रहता है नगर में पूरी तरह अंधेरा छाया रहता है परन्तु स्ट्रीट लाइट मरम्मत कार्य दिनभर चलता है तथा दिनभर स्ट्रीट लाइट जलती दिखाई दे जाती है तथा शाम होते ही स्ट्रीट लाइट बन्द हो जाती है ।और तो और बारिश के दौरान भी अनेकों वार्ड नगर की बिजली न जलने से अंधेरे में भयभीत बने रहे । परन्तु स्थानीय प्रशासन पूरी तरह इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल की प्रसिद्धि से अनभिज्ञ दिखाई देता है यही कारण रहता है जब नगर में आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों को नगर में ठहरना गवारा नहीं होता जिससे न केवल शासन को बल्कि यहां के व्यवसायियों को भी नुकसान उठाना पड़ता है । शासन जिला प्रशासन को इस विश्व ऐतिहासिक पर्यटक स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की सुध लेने की जरूरत महसूस की जाने लगी है।

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