5 दिन से अघोषित बिजली कटौती से दीवानगंज क्षेत्र बेहाल, बारिश की कमी के बीच धान की फसल पर मंडराया संकट
दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित, किसानों को 10 घंटे के बजाय 6–8 घंटे ही मिल रही बिजली, ट्यूबवेल के सहारे चल रही सिंचाई
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के दीवानगंज क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से जारी अघोषित बिजली कटौती ने किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसान धान की फसल बचाने के लिए ट्यूबवेल से सिंचाई करने को मजबूर हैं, लेकिन पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से फसल सूखने का खतरा गहरा गया है। दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, नीनोद, बरजोरपुर, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, करैया, गीदगढ़, सत्ती बसिया, भंवरखेड़ी और हिनोतिया सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में बिजली की लगातार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन अधिकांश गांवों में केवल 6 से 8 घंटे ही आपूर्ति हो रही है। वह भी लगातार नहीं मिलती, जिससे किसान सिंचाई की योजना नहीं बना पा रहे हैं। दिन-रात कभी भी बिजली चले जाने से खेतों में पानी देना मुश्किल हो गया है।

धान की फसल पर बढ़ा संकट
इस वर्ष क्षेत्र में अपेक्षित बारिश नहीं होने से खेतों में नमी लगातार कम हो रही है। किसान पूरी तरह बिजली आधारित सिंचाई पर निर्भर हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक पर्याप्त बिजली और बारिश नहीं मिली तो धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है।
घरों में भी बढ़ी परेशानी
अघोषित बिजली कटौती का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। उमस भरी गर्मी में बार-बार बिजली जाने से लोग परेशान हैं। मोटर पंप बंद रहने से कई गांवों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। वहीं आटा चक्की और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों ने जताई नाराजगी
अंबाडी के किसान गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि कई दिनों से किसानों को 6–7 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही। बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर है। यदि जल्द नियमित बिजली नहीं मिली तो फसल खराब हो सकती है।
दीवानगंज निवासी किसान सुरेश साहू ने कहा कि इस बार बारिश बहुत कम हुई है। खेतों में नमी खत्म हो रही है और समय पर बिजली नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
बिजली कंपनी ने बताई वजह
बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर मनीष कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, बारिश नहीं होने से इस समय सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक बिजली की मांग बढ़ गई है। कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों की एक साथ आपूर्ति के दौरान कई बार ओवरलोड होने से लाइन ट्रिप हो जाती है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन तथा बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि कृषि फीडरों पर निर्धारित समय के अनुसार पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए और अघोषित कटौती पर रोक लगाई जाए, ताकि धान की फसल बच सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।