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खनन माफियाओं पर मेहरबान शिवपुरी के अफसर

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अर्जुनगंवा फर्शी पत्थर खदान पर कोर्ट का स्टे होने के बाद भी दे दी खनन की परमीशन

– नेताओं से सांठगांठ कर हो रही है मनमानी

शिवपुरी से रंजीत गुप्ता

शिवपुरी में इस समय खनन माफिया हावी हैं। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते इन खनन माफियओं के आगे प्रशासनिक अफसर भी झुक से गए हैं ऐसा लगता है। कोर्ट का स्टे होने के बाद भी माधव नेशनल पार्क के पास स्थित ग्राम अर्जुनगंवा की शासकीय भूमि में स्वीकृत की गई फर्शी पत्थर की खदान के मामले में ऐसा लगता है कि यहां पर प्रशासनिक अफसर नेताओं के आगे नतमस्तक हैं। बताया है कि ग्राम अर्जुनगंवा में पत्थर खदान के खिलाफ लगाई गई पिटीशन पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया। जिसे नजरअंदाज करते हुए माइनिंग विभाग ने बिना किसी निर्णय के खदान के संचालन की स्वीकृति दे दी। जिसके चलते याचिकाकर्ता ने कोर्ट ऑफ कंटेप्ट लगा दिया, जिसमें अगली तारीख छह सप्ताह बाद तय की गई। माधव नेशनल पार्क के पास स्थित ग्राम अर्जुनगंवा में शासकीय भूमि खसरा नंबर 1/3 में भाटो आदिवासी पत्नी रामजीलाल आदिवासी को 1.340 हेक्टेयर का फर्शी पत्थर की खदान दी गई है। नियमानुसार खदान स्वीकृति में फर्म को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा न होने पर एक स्टोन फर्म ने न्यायालय की शरण ले ली। सूत्रों ने बताया कि इस खेल में खदान भले ही भाटो आदिवासी के नाम से हुई है, लेकिन उसके पीछे शहर का एक रसद माफिया का हाथ है। उसका भाई भोपाल के सरकारी गलियारों में सीएम हाउस के माध्यम से गहरी पेंठ रखता है। इसलिए शासन से आदेश जारी होने में अधिक परेशानी नहीं आई। बताया जाता है कि इस खेल में कुछ सत्ताधारी दल के नेताओं का भी हाथ है।

कोर्ट में मामला फिर भी दे दी स्वीकृति-

बताया जाता है कि अर्जुनगंवा फर्शी पत्थर खदान की लीज 11 नवंबर 2021 को शासन ने स्वीकृत की थी। यह फर्शी पत्थर खदान 24.05.2022 से 23.05.2032 तक के लिए भाटो आदिवासी को लीज दी गई है। चूंकि नियमानुसार लीज फर्म को दी जानी चाहिए थी, लेकिन शासन स्तर पर सांठगांठ करके नियमविरुद्ध खदान की लीज भाटो आदिवासी को दिए जाने की वजह से लावान्या स्टोन फर्म हाईकोर्ट की शरण में चली गई। हाईकोर्ट से पूरे मामले में स्टे दे दिया गया लेकिन शिवपुरी के जिला प्रशासन के अधिकारियों ने यहां पर स्टे होने के बाद भी खनन की स्वीकृति दे दी। अर्जुनगंवा की जिस फर्शी पत्थर खदान पर न्यायालय का स्टे था, उसे चालू करने का आदेश कलेक्टर खनिज शाखा शिवपुरी ने 7 जून 2022 को जारी कर दिया। जिसमें उल्लेख किया है कि भाटो पत्नी रामजीलाल आदिवासी निवासी बलारपुर को ग्राम अर्जुनगंवा तहसील शिवपुरी में भूमि सर्वे नंबर 1/3 रकवा 01.34 हेक्टेयर क्षेत्र पर फर्शी पत्थर खनिज का उत्खनिपट्टा 10 वर्ष की अवधि के लिए दिया जाता है।

न्यायालय के स्टे को कर दिया दरकिनार-

नियमविरुद्ध फर्शी पत्थर खदान की लीज दिए जाने पर लावान्या स्टोन फर्म ने जब हाईकोर्ट की शरण ली तो न्यायालय ने उक्त खदान पर 30 मई 2022 को स्टे दे दिया था। यानि उक्त खदान यथास्थिति रखते हुए निर्णय का इंतजार करना था। लेकिन जिस तरह नियमविरुद्ध लीज स्वीकृत करवाई गई, उसी तरह खदान के संचालन का एक आदेश भी भोपाल से जारी करवा दिया गया। न्यायालय स्टे के बीच में ही खदान पर काम करने की अनुमति दिए जाने के विरुद्ध पिटीशनर फिर हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से 20 जून 2022 को कंटेप्ट ऑफ कोर्ट का नोटिस जारी हुआ। जिसमें जिला खनिज अधिकारी व कलेक्टर शिवपुरी को हाईकोर्ट ने छह सप्ताह बाद न्यायालय ने तलब किया है।

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