मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
रायसेन जिले के सांची विकासखंड अंतर्गत दीवानगंज, अंबाडी, मुस्काबाद और देहरी गांव से लगे पहाड़ों पर पिछले एक सप्ताह से आग लगातार सुलग रही है। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे कई किलोमीटर तक फैले जंगल में छोटे-बड़े पेड़-पौधे और वन्य जीव जलकर नष्ट हो चुके हैं।
हैरानी की बात यह है कि इतनी आग के बावजूद अब तक आग बुझाने के लिए कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आया है। धीरे-धीरे आग पूरे पहाड़ को अपनी चपेट में लेती जा रही है और हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं।
तलाव और खेतों तक पहुंची आग आग का असर अब रिहायशी और कृषि क्षेत्रों तक भी पहुंच गया है। दीवानगंज तालाब के आसपास स्थित कई खेतों में लगी नरवाई (फसल अवशेष) जलकर पूरी तरह राख हो गई। पूरे दिन क्षेत्र में धुएं का गुबार छाया रहा, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई।
हर साल दोहराई जा रही घटनाएं यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले अंबाडी, कुलहड़िया नरखेड़ा और कयामपुर के पहाड़ों पर भी आग लग चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार हर साल गर्मी के मौसम में इन पहाड़ों पर आगजनी की घटनाएं होती हैं, लेकिन अब तक इसके कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
सवालों के घेरे में प्रशासन
लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से न तो रोकथाम के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और न ही आग लगने के कारणों की जांच में कोई ठोस प्रगति दिख रही है। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह और बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकती है।

ग्रामीणों में दहशत, पर्यावरण को भारी नुकसान
ग्रामीणों में डर का माहौल है, वहीं पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। जंगलों में रहने वाले जीव-जंतु बेघर हो रहे हैं और जैव विविधता पर खतरा मंडरा रहा है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फायर ब्रिगेड और वन विभाग की टीम मौके पर भेजी जाए, आग पर काबू पाया जाए और आगजनी के कारणों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि इन पहाड़ों पर हर साल गर्मी के मौसम में आग लग जाती है। फायर ब्रिगेड नहीं होने के कारण आग कई दिनों तक पहाड़ पर सुलगती रहती है जिससे कई किलोमीटर तक जंगल जलकर राख हो जाता है। ग्रामीण ऑन ने जानकारी देते हुए बताया कि फायर ब्रिगेड नहीं होने के कारण हर साल आगजनी की घटनाओं से काफी नुकसान होता है जब भी फायर ब्रिगेड को सूचना देते हैं तो फायर ब्रिगेड सांची 25 किलोमीटर दूर या से 31 किलोमीटर दूर रायसेन से आती है तब तक आग विकराल रूप धारण कर काफी हानि पहुंचा देती है। दीवानगंज क्षेत्र में अभी तक आगजनी की आठ घटनाएं हो चुकी है जिनमें से केवल एक बार ही कयामपुर गांव में फायर ब्रिगेड पहुंच पाई है।