Let’s travel together.

अतिथि शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाएगी प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार एक ऑर्डर ने बढ़ाई सबकी टेंशन ?

0 276

शिवलाल यादव

मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है।जिसके बाद से मध्य प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। जारी किए गए पत्र में 30 फीसदी से कम रिजल्ट लाने वाले अतिथि शिक्षकों को नौकरी पर न रखे जाने की बात कही गई है।

क्या है पूरा मामला ?……

हाल ही में मध्य प्रदेश बोर्ड यानि कि एमपी बोर्ड के रिजल्ट जारी किए गए थे। इस रिजल्ट में पास करने वाले बच्चों का जो प्रतिशत था वो इस बार ज्यादा बेहतर नहीं रहा है। ये इस बार ये आंकड़ा 70 फीसदी का भी पार नहीं कर पाया है। हम आपको यह बता दें जो 10वी और 12वीं के छात्रों का औसत पासिंग प्रतिशत रहा वो 60 से 65 प्रतिशत के बीच रहा है। इसके बाद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। आखिर मध्य प्रदेश के स्कूलों का स्तर इतना गिरा हुआ है? जो सिर्फ 60 से 65 फीसदी बच्चे ही बोर्ड परीक्षा पास कर पा रहे हैं।

परीक्षा परिणाम आने के बाद हुई थी जांच-पड़ताल

परीक्षा परिणाम के आंकड़े सामने आने के बाद जांच पड़ताल की गई और अब इस पूरे खराब रिजल्ट का ठीकरा अतिथि शिक्षकों पर फोड़ा जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम बिगड़ने के बाद सरकार ने अधिकारियों से इसके पीछे का कारण पूछा था। जिसके बाद स्कूल प्रिंसिपलों ने इसके पीछे का कारण अतिथि शिक्षकों को बताया है। शाासन ने अतिथि शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखने का आदेश जारी कर दिया है। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल मध्य प्रदेश के एक आदेश के हवाले से कहा गया है कि 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले अतिथि शिक्षकों को इस बार न रखने की बात कही गई है। आपको बता दें पिछले दिनों लोक शिक्षण संचालनालय में पिछले दिनों एक बैठक का आयोजन किया गया था। इसी बैठक में अतिथि शिक्षकों को बाहर करने का फैसला लिया गया है।

15 हजार अतिथि शिक्षकों को किया जा सकता है बाहर

मध्य प्रदेश में पिछले दिनों जब बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सामने आए थे, तभी से ये सवाल उठने लगे थे कि आखिर मध्य प्रदेश शिक्षा इतनी खराब है। जो इस तरीके से गिरा हुआ रिजल्ट देखने को मिल रहा है। अब इस पूरे खराब रिजल्ट का ठीकरा अतिथि शिक्षकों के सिर पर फोड़ दिया गया है। माना यह जा रहा है, इससे प्रभावित होकर 30 फीसदी से कम अंक पाने वाले अतिथि शिक्षकों को जो कि करीब 15 हजार से अधिक हैं। जिनको नौकरी से बाहर किया जा सकता है। हालांकि इस पूरे मामले पर अतिथि शिक्षकों के संघ का क्या फैसला रहता है।बहरहाल अब ये देखना होगा। लेकिन इस पत्र के जारी होने के बाद कई अतिथि शिक्षकों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गईं हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

तेज बारिश में डोला घाट की पुलिया की मिट्टी बही,यातायात हुआ बाधित     |     स्कूल की ‘मां की बगिया’ बनी पर्यावरण संरक्षण की पाठशाला, बच्चों ने तैयार किए 200 पौधे     |     पीएमश्री शासकीय हाई स्कूल सेमरा में छात्र परिषद चुनाव संपन्न     |     24 घंटे की बारिश ने बढ़ाई गरीबों की मुसीबत, कच्चे मकानों की दीवारें गिरना शुरू     |     दो किलोमीटर सड़क के लिए वर्षों से तरस रहा खेड़ा गांव, बारिश में बह गई पुलिया की मिट्टी     |     एक करोड़ दस लाख का पीएम श्री स्कूल बारिश में बना तालाब, 2 से 3 फीट पानी में डूबी पूरी बिल्डिंग     |     सुनहरा गांव में महिला पर पांच महिलाओ ने लाठी डंडो से किया हमला     |     स्टॉप डैम के तेज बहाव में बहे किसान का शव मिला     |     हरियाली अमावस्या पर महिलाओं ने की प्रकृति पूजा, पौधरोपण कर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प     |     स्कूलों में ई-अटेंडेंस में 9:45 बजे की बाध्यता खत्म, 10:45 बजे तक दर्ज कर सकेंगे उपस्थिति     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811