तेंदुपत्ता की पांच गड्डी ज्यादा लेकर मुंशी तेंदूपत्ता मजदूरों का मार रहे हक,जिले में तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य जोरों पर
शिवलाल यादव रायसेन
रायसेन जिले के सामान्य वन मण्डल रायसेन, ओबेदुल्लागंज सहित तहसील गैरतगंज, बेगमगंज सिलवानी बाड़ी बरेली उदयपुरा क्षेत्रों में तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य श्रमिकों द्वारा जोरशोर से किया जा रहा है।अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए भीषण गर्मी में भी तेंदूपत्ता मजदूरों द्वारा तेंदू पत्ता तोड़ने का काम किया जा रहा है। सूत्रों से मालूम चला है कि बावजूद इसके उन्हें उनको तेंदूपत्ता तुड़ाई के सही दाम नहीं मिल पा रहे है। इसके चलते मजदूरों ने नाराजगी जाहिर कर पूरी मजदूरी दिलाने की बात कही है। दरअसल लघु वनोपज संग्रहण क्षेत्र में वन विभाग को यह मजदूर तेंदुपत्ता जमा करते हैं। इसके एवज में 300 रुपए प्रति सैकड़ा गड्डी के हिसाब से मजदूरी राशि मिलती है।लेकिन जमा करने वाले मुंशी तेंदुपत्ता की 100 गड्डी की जगह मजदूरों से 105 गड्डी लेते हैं तब 100 मान्य करते हैं। इसके बाद 100 गड्डी हिसाब से पैसा उपलब्ध करवाते हैं।

8 से 10 किमी दूर से मजदूर लाते हैं तेंदुपत्ता.….
तेंदूपत्ता मजदूरों ने बताया कि वह रोजाना करीब 8 से 10 किलोमीटर दूर से तेंदू पत्ता तोड़ कर लाते हैं। सुबह 4 बजे जाते हैं और सुबह 9 बजे जंगलों से वापस घर आते हैं।लेकिन जब फड़ पर पहुंचते हैं तो 100 गड्डी ऊपर फड़ मुंशी राजेंद्र शर्मा पांच गिडडी ज्यादा लेते हैं। जब इस संबंध में मुंशी राजेन्द्र शर्मा से पूछा तो उन्होंने बताया एक गिडडी भी ज्यादा नहीं लेते हैं। जबकि मजूदरों ने बताया कि 140 होती है तो 135 लिखते हैं। यदि मामले की निष्पक्ष जांच हो जाए तो हकीकत पता चल जाएगी। मजदूर मुकेश आदिवासी ने बताया हम गरीबों के साथ यह नाइंसाफी है।तेंदूपत्ता श्रमिक राजकुमारी बाई, संतरा बाई, छोटी वाई, उमा बाई, विशाल आदिवासी, सोमता बाई आदि ने बताया कि करीब 70 मजदूर होते हैं जिनसे प्रत्येक से 5 गड्डी लेते हैं ।ऐसे में 350 गड्डी का पैसा मुंशी अपनी जैब में रख लेते हैं। ऐसे में मजदूरों को आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है,साथ ही अधिक मजूदरी करना पड़ रही है।

डीएफओ विजय कुमार ने किया सिलवानी पूर्व वनरेंज का निरीक्षण….
सिलवानी पूरब वनरेंज क्षेत्र का दौरा डीएफओ सामान्य वन मण्डल के डीएफओ रायसेन विजय कुमार ने किया।यहां उन्होंने तेंदूपत्ता फड़ केन्द्रों का जायजा लिया और एसडीओ पीके जाटव पूरब वनरेंजर सहित वनकर्मी उनके साथ मौजूद रहे।