इंदौर। जवाहर मार्ग पर महिलाओं और बच्ची के साथ ही उनके स्वजनों से दूसरे संप्रदाय के लोगों की ओर से सरेबाजार किए गए हमले और मारपीट की दुस्साहसिक घटना पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में भी दिख गई है। हमलावरों ने बेखौफ होकर डंडा हाथ में लेकर मारपीट की।
एसीपी एसकेएस तोमर के अनुसार, घटना के सीसीटीवी फुटेज में आरोपित बंबई बाजार निवासी अल्ताफ के साथ, छत्रीपुरा निवासी आसिफ भी हाथ में डंडा लेकर पीड़ितों से मारपीट करता दिख रहा है। पुलिस ने मुख्य हमलावर अल्ताफ को शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर लिया था, शनिवार को दूसरे हमलावर आसिफ को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों हमलावरों को जेल भेज दिया गया। उन पर प्राणघातक हमले की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
गलती से बच्ची का पैर बैनर पर रखा गया था
बता दें कि शुक्रवार को जगजीवनराम नगर (रावजी बाजार) निवासी शिपिका वर्मा बहन नेहा और सात वर्षीय बेटी तनवी के साथ जवाहर मार्ग पर बंबई बाजार में खरीदारी करने गई थीं। इस दौरान सड़क के पास रखे एक बैनर पर बच्ची तनवी का धोखे से पैर रख गया। इस बात से खफा होकर आरोपितों अल्ताफ और आसिफ ने शिपिका, नेहा और तनवी को घेरकर उन पर हमला कर दिया। बचाने पहुंचे शिपिका के पति सचिन वर्मा और उनके साथियों से भी आरोपितों ने मारपीट की। इससे बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बनी।
लापता पुलिसवालों की जांच करेंगे एसीपी
घटनाक्रम बंबई बाजार पुलिस चौकी के सामने हुआ था। चौकी पर पंढरीनाथ थाना के पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है। मारपीट के बाद भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं आए। भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि चौकी के पुलिसकर्मी लापता थे। जोन-4 के डीसीपी राजेश कुमार सिंह ने इस मामले में जांच बैठा दी है। डीसीपी के अनुसार, सराफा एसीपी एसकेएस तोमर को जांच के आदेश दिए हैं। जो पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे, उन्होंने सफाई दी कि वो मोहनपुरा स्थित मंदिर गए थे। इस मंदिर में पिछले सप्ताह ही दूसरे संप्रदाय के युवकों ने तोड़फोड़ कर दी थी।
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