जबलपुर। दूसरा पुल के पास स्थित एक पेट्रोल पंप में बड़े पैमाने पर ग्राहकों केे साथ जेब की तलाशी का पता चला। यहां एक ग्राहक की 50 लीटर की टंकी में 57 लीटर डीजल भर दिया गया। इस बारे में एसडीएम जबलपुर के पास शिकायत आई थी, जिस पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। संबंधित विभाग के अफसरों ने पूरे दल-बल के साथ इस पेट्रोल पंप पर पहुंच कर जांच की और पंप को सील कराया। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात जबलपुर एसडीएम पीके सेनगुप्ता के पास यह जानकारी आई थी कि दूसरा पुल के पास स्थित मोखा पेट्रोल पंप में ग्राहकों को डीजल-पेट्रोल कम दिया जा रहा है। इस जानकारी के बाद एसडीएम की ओर से तत्काल जिला आपूर्ति नियंत्रक को इस मामले की जांच और उचित कार्रवाई करने के लिए कहा। इसके बाद जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर नापतौल निरीक्षक किरण सैयाम एवं पुलिस बल को लेकर संबंधित पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। वहां उन्होंने जांच की, जिसमें प्राथमिक तौर पर गड़बड़ी की पुष्टि हो गई। इसके बाद देर रात में ही प्रशासन के अमले ने पेट्रोल पंप को सील कर दिया। इसकी सूचना इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को भी दी गई है। प्रशासन की ओर से पेट्रोल पंप की जांच अब विभिन्न बिन्दुओं के आधार पर की जा रही है।
समा गया क्षमता से ज्यादा डीजल
बताया जाता है कि मामले का राजफाश उस वक्त हुआ जब एक क्रेटा कार मालिक संबंधित पेट्रोल पंप पर डीजल डलवाने पहुंचा। उसने गाड़ी की टंकी फुल करने के लिए लिए कहा। टंकी में पहले से भी थोड़ा बहुत डीजल रहा। कार की टंकी की क्षमता 50 लीटर है, लेकिन उसमें पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने 57 लीटर डीजल भर दिया। इसके बाद सकते में आए गाड़ी मालिक ने इसकी जानकारी जबलपुर एसडीएम पीके सेनगुप्ता को दी।
इनका कहना
दूसरा पुल के पास स्थित मोखा पेट्रोल पंप को कम नापतौल की शिकायत के बाद सील किया गया है। इस पंप में क्रेटा कार की 50 लीटर की टंकी में 57 लीटर डीजल भर दिया गया था।
-कमलेश टांडेकर, जिला आपूर्ति नियंत्रक
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