मीरा सोनी ने रोते हुए कहा कि उन्होंने जो पैसा सहारा में लगाया था वह पूरा डूब गया है। उन्होंने 5 लाख रुपए जमा किए थे। लेकिन आज तक कुछ भी वापस नहीं मिला और आज वह पैसे-पैसे के लिए मोहताज हैं। एक अन्य महिला मालती देवी ने बताया कि उनके पति ने सहारा में 10 लाख रुपए जमा किए थे और अब उनके पति का देहांत हो गया है इससे उनके लिए घर तक चलाना मुश्किल हो गया है बच्चों की फीस भी नहीं जमा कर पा रही हैं।
एडीएम संजय पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सहारा के निवेशकों को क्रमबद्ध तरीकों से पैसा लौटाया जाएगा। इसके लिए बड्स एक्ट भी पारित किया गया है। शासन द्वारा भेजे गए नोटिफिकेशन के अनुसार अधिकारी नियुक्त हैं। जल्द ही तहसील स्तर पर सभी के आवेदन लिए जाएंगे और उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।