धीरज जॉनसन दमोह
आयुक्त उच्च शिक्षा के निर्देशानुसार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ केपी अहिरवार के मार्गदर्शन में युवा नीति के निर्माण में जन जागरूक करने हेतु छात्रों से विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसे एकजाई कर क्षेत्रीय संचालक के माध्यम से भोपाल भेजा जाएगा।

परिचर्चा के दौरान डॉ केपी अहिरवार ने कहा कि वर्तमान में महसूस होता है कि युवा खोई हुई पीढ़ी है उनमें अपेक्षा,असंतोष और भटकाव क्यों है भावी पीढ़ी को सशक्त होना चाहिए युवा अलगाव और हिंसा से दूर हो व विकास में सहयोग करे।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ इंदिरा जैन ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा के साथ चिंतन भी जरूरी है जिससे स्वस्थ जीवन शैली हो जिससे व्यक्तिगत गरिमा के साथ विकास कर सकें। डॉ केएस बामनिया ने कहा कि अधिकार और कर्तव्य को समझते हुए अनुशासित और एकता से काम करें नम्रता से मेहनत कर आगे बढ़ें, और गलतियों से सीख लें।इस अवसर पर छात्रों ने शिक्षा, कौशल विकास,संप्रेषण, स्वास्थ,खेल,सामाजिक मूल्य इत्यादि पर अपने विचार प्रस्तुत किए कार्यक्रम में छात्र छात्राओं सहित कॉलेज स्टाफ की उपस्थिति रही।