Let’s travel together.

खंडेरा में एक दिसंबर से आठ दिसंबर तक मां छोले वाली मैया के दरबार में लगा है मेला

0 396

सतीश मैथिल सांचेत रायसेन

यहां 200 साल पहले हुए थे देवी दर्शन,अब लगता है मेला मंदिर की देखभाल और माता की सेवा कर रहे पंडित ओम महाराज दुबे ने बताया कि लगभग दो सौ साल पहले इस मंदिर की स्थापना की गई थी। माता रानी के विभिन्न रूपों में विभिन्न परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार पूजन की जाती है। रायसेन जिले में सागर मार्ग पर मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर स्थित ग्राम खंडेरा में छौले वाली माता का मंदिर स्थित है। हाईवे से लगभग दो सौ मीटर की दूरी बने इस विशाल मंदिर में विराजी मां छौले वाली की पीठ की पूजन होती है। मंदिर की देखभाल कर रहे पंडित ओम महाराज दुबे ने बताया कि लगभग दो सौ साल पहले इस मंदिर की स्थापना की गई थी। तब से वे उनके परिवार की चौथी पीढ़ी के रूप में मंदिर की सेवा कर रहे हैं पीली मिट्टी से बनी हैं प्रतिमाएं मंदिर में एक नहीं बल्कि पांच प्रतिमाएं स्थापित हैं। जो पीली मिट्टी से बनी हैं। संभवत: ऐसा किसी प्रचीन मंदिर में नहीं होगा। हर जगह संगमरमर, काला पत्थर या धातु से बनी प्रतिमाएं पाई जाती हैं। लेकन खंडेरा में विराजी मां छौले वाली की प्रतिमाएं दो सौ साल पहले पीली मिट्टी से बनाई गईं, जो आज भी उसी स्वरूप में विराजित हैं। साल में दो बार होली और दीपावली की दूज पर गोबर से प्रतिमाओं का शुद्धिकरण किया जाता है। और हर पंद्रह दिनों में अमावस्या और पूर्णिमा को माता जी का कलेवर किया जाता है
माता ने बचाया था महामारी से गांव के भीम सिंह बघेल वताते है की हमें हमारे बूढ़े सयाने वताते थे कि लगभग दो सौ साल पहले क्षेत्र में महामारी फैली थी। तब यहां छिंगा महाराज निवास करते थे। उनके कहने पर लोगों ने पीली मिट्टी से माता की प्रतिमा बनाकर अनुष्ठान किया। जिससे क्षेत्र से महामारी का प्रकोप खत्म हो गया। तब से ही ये प्रतिमाएं यहां विराजित हैं, जहां हर साल अगहन माह में अमावश से पूर्णिमा पर मेला लगता है।
इसलिए कहते हैं छौले वाली दो सौ साल पहले मिट्टी की प्रतिमाएं बनाकर एक बड़े छौला(खकरा, पलाश) के पेड़ के नीचे स्थापित कर पूजन की गई थी। किस माता की स्थापना की, यह तो किसी को पता नहीं लेकिन कालांतर में उनका नाम छौले वाली माता पड़ गया यहां पर प्रति वर्ष साल में तीन बार मेला लगता है छेत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि और अगहन माह में मेला लगता है और हजारों की संख्या में लोग मां के दर्शन करते है और मन मुराद पूरी होती है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

देहरी खेड़ापति हनुमान मंदिर में आज मनाई जाएगी राधारानी जन्माष्टमी     |     रायसेन दरगाह शरीफ पर उर्स की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने की बैठक     |     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया श्रमदान     |     राधा अष्टमी पर श्रीजी मंदिर में गूंजेंगे राधा-कृष्ण के भजन, प्राकट्य महोत्सव पर भजन संध्या का आयोजन     |     मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत एसडीएम ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं,विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षण     |     जिला पंचायत उपचुनाव, लक्ष्मण सिंह लोधी तीर कमान और पूजा चौकसे दो पत्ती चुनाव चिन्ह लेकर उतरे चुनाव मैदान में      |     मंडीदीप रेलवे लाइन पर अज्ञात व्यक्ति गंभीर रूप से घायल मिला, सिर में लगी चोट     |     वनमाली शिक्षक सम्मान 2026 में रायसेन जिले के शिक्षकों को किया सम्मानित     |     दीवानगंज में 10 लाख के जेवरात की चोरी का 24 घंटे में खुलासा, बेटी और उसके दोस्त गिरफ्तार     |     कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने स्वास्थ्य केंद्र मुड़िया खेड़ा का किया निरीक्षण     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811