जल निकासी के लिए अंग्रेजों के समय के बने थे चार गेट,दो में भर गई मिट्टी
संक्रमण और बीमारी का खतरा:वार्डवासी परेशान
दमोह से धीरज जॉनसन की रिपोर्ट
दमोह शहर के विभिन्न हिस्सों के इकट्ठे जल को लेकर मागंज वार्ड तीन के समीप से गुजरता हुआ नाला रेलवे के गेट नंबर 58 के पास झाड़ियों और खरपतवार के बीच अपने साथ लाई हुई गंदगी के साथ दिखाई देता है,जो आगे मार्ग अवरूद्ध होने के कारण यहां ठहरा हुआ है जिससे बीमारी और संक्रमण फैलने की संभावना बलवती होती है जिससे वार्ड वासी भी खासे परेशान नजर आते है।
अंग्रेजों के समय बने चार गेट,दो में भर गई मिट्टी
वैसे तो जल निकासी के लिए रेलवे लाइन के नीचे से चार गेट बने हुए दिखाई देते है पर उनमें से दो में मिट्टी और गंदगी भर जाने के कारण पानी उसमें से निकलने में असमर्थ प्रतीत होता है।
क्षेत्र का निर्धारण,निर्माण और निकासी की पर्याप्त
व्यवस्था न होने से जल का ठहराव एक समस्या के रूप में सामने आ रहा है।
स्थानीय निवासी एच तिवारी और बी डी पटेल का कहना था कि पूर्व में नपा के द्वारा नाला साफ किया गया था पर अब बारिश बीत जाने के बाद कचरा एकत्रित हो गया है जिसमें खरपतवार उग आई है सूखा कचरा यत्र तत्र फैल रहा है जिससे बीमारी और संक्रमण बढ़ेगा,नपा द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया,जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसकी शीघ्र सफाई होना चाहिए।
नपा कहेगा तो मार्किंग की जाएगी,रेलवे कभी पीछे नहीं हटता है
रेलवे के अधिकारियों का इस संबंध में उनका अपना मजबूत पक्ष भी सामने आया कि इनका कहना था कि नपा बिना बताए किसी के क्षेत्र में जेसीबी चलाएंगे तो दिक्कत होगी वरना किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है वे कोर्ट में भी बता चुके हैं अगर नपा ऑन पेपर स्वीकृति ले लें कि हम अमुक दिनांक को सफाई करेंगे तो रेलवे अनुमति दे देती है वैसे यह काम सिग्नल और टेलिकॉम से संबंधित है क्योंकि अगर केबिल को नुकसान हुआ तो गाडियां बंद हो जाएगी। नपा कहेगा तो मार्किंग कर दी जाएगी पहले भी की है।रेलवे कभी पीछे नहीं हटता है।

नपा पत्र भेज दें,संयुक्त रूप से सफाई हो जाएगी
रेलवे के चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर वी जैन का कहना था कि सफाई नपा करेगी हम पत्र देते हैं क्योंकि नाला रेलवे की जमीन पर है सीवरेज शहर का आता है। हर साल पत्र देते हैं सफाई के दौरान रेलवे की टीम पहुंचती है।नपा जब भी सफाई करवाना चाहे हमसे संपर्क करें यहां की टीम पहुंचेगी नाले से निकासी के यदि पूरे गेट खुल जाए तो जल निकासी में आसानी होगी कुछ में मिट्टी भर गई है यह सुपरविजन और इंजीनियरिंग विभाग का काम है एरिया डिफाइन,कंस्ट्रक्शन, ड्रेनेज, आउटलेट पूरा हो जाए तो समस्या नहीं होगी नपा पत्र भेज दे संयुक्त रूप से सफाई हो जाएगी। ड्रेनेज काफी लंबा है पूरा कवर, फीलिंग और संयुक्त रूप से प्रयास कर ले तो समस्या हल हो जाएगी।
“अगर रेलवे की सीमा में होगी तो नहीं करेंगे पहले किया तो जेसीबी जप्त कर लिया, नाले का विवाद चल रहा है नपा सीमा में हो तो कराएंगे”
-बी एल सिंह सीएमओ नपा,दमोह
“अभी आया हूं बहुत सारी जानकारी नहीं है संज्ञान में लेता हूं कुछ ना कुछ समाधान निकाल लेंगे”
–अनिल चौधरी सहायक मंडल अभियंता पश्चिम मध्य रेलवे,दमोह
