– मनमानी अघोषित कटौती से लोगों की बड़ी परेशानी
– बिजली के बिल भी रुला रहे हैं लोगों को
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
मध्यप्रदेश में वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं लेकिन ऐसा लगता है कि शिवपुरी शहर में मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी सत्ताधारी दल भाजपा को हराने में लग गए हैं। इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि इस समय शिवपुरी शहर में जमकर विद्युत की कटौती हो रही है। विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों की मनमानी का आलम यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर 4 से 6 घंटे तक की कटौती शहर के विभिन्न इलाकों में कटौती की जा रही है। इस कटौती से शिवपुरी शहर के मतदाताओं में आक्रोश है। उपभोक्ता परेशानी में है जिसका नुकसान आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल भाजपा को हो सकता है। शिवपुरी शहर में मेंटेनेंस के नाम पर बीते एक महीने में अलग-अलग स्थानों पर मेंटेनेंस के नाम पर कुछ ज्यादा ही कटौती की जा रही है। गुरुवार को भी शहर के कई इलाकों में सुबह 9 बजे से कटौती की गई और दोपहर 4 बजे तक यह कटौती जारी रही।
हर दिन किस बात का मेंटेनेंस जनता ने उठाए सवाल-
बिजली कंपनी के अधिकारियों द्वारा हर दिन मेंटेनेंस के नाम पर शिवपुरी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही बिजली कटौती को लेकर जनता ने सवाल उठाए हैं। स्थानीय कई उपभोक्ताओं का कहना है कि शहर में पिछले एक साल से लगातार कटौती की जा रही है। मेंटेनेंस के नाम पर यह कैसी कटौती की जाती है। कभी किसी इलाके में कभी किसी क्षेत्र में 4 से 6 घंटे तक कटौती की जा रही है। आखिर किस बात का यह मेंटेनेंस हो रहा है क्योंकि जरा सी हवा चलने पर या मौसम में बदलाव आने पर घंटों कटौती कर दी जाती है। बिजली के तार टूट जाते हैं आखिर मेंटेनेंस के नाम पर यह बजट कहां ठिकाने लगाया जा रहा है। जनता ने यह सवाल उठाए हैं।
ग्रामीण वोटर भी नाराज-
शिवपुरी शहर में मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती अनाप-शनाप राशि के बिजली के बिल एवरेज बिल थमाए जाने और एवरेज राशि के बिल दिए जाने से जनता नाराज है। शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी बिजली के बिलों से लोग परेशान हैं। कोलारस और करेरा विधानसभा क्षेत्र के कई कई गांवों के बिजली उपभोक्ताओं की लाइट मनमाने ढंग से काट दी गई है। बीते दिनों करैरा और कोलारस के इन ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर आकर ज्ञापन भी दिया है और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कार्यवाही की मांग भी की है लेकिन इसके बाद भी लाइट नहीं जुड़ पा रही। करैरा के कांग्रेस विधायक प्रागीलाल जाटव ने तो आंदोलन की धमकी दी है। कुल मिलाकर देखा जाए तो बिजली कंपनी के अधिकारियों की मनमानी के कारण शिवपुरी जिले के वोटरों में नाराजगी है। मनमाने बिल और मेंटेनेंस के नाम पर भी घंटों की कटौती को लेकर आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल भाजपा को इसका नुकसान हो सकता है।