सैयद मसूद अली पटेल ग़ैरतगंज रायसेन
ज़िले की गैरतगंज तहसील के ग्राम कछिया मूडला से प्रशासनिक लापरवाही और दबंगों के हौसले बुलंद होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक दलित किसान के खेत की ओर जाने वाले एकमात्र सरकारी रास्ते पर गाँव के ही दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इसके चलते पीड़ित परिवार इस खरीफ़ कृषि सीजन में अपने ही खेत में बोबनी करने के लिए मोहताज हो गया है। न्याय की आस में पीड़ित दलित परिवार कलेक्टर से लेकर स्थानीय राजस्व विभाग के चक्कर काट-काट कर थक चुका है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित दलित किसान मथुरा प्रसाद अहिरवार ने बताया कि वह बीते कई वर्षों से अपनी पुश्तैनी 3 एकड़ कृषि भूमि पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता आ रहा है। लेकिन कुछ माह पूर्व गाँव के दबंगों ने उसके खेत की ओर जाने वाले सरकारी रास्ते पर जबरन कब्जा कर लिया। दबंगों ने न सिर्फ रास्ते को ट्रैक्टर से बखर कर पार डाल दी, बल्कि जेसीबी की मदद से गहरी नाली भी खोद दी, जिससे खेत तक पहुँचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। किसान ने बताया कि जब भी हम उस एकमात्र रास्ते से अपने खेत जाने का प्रयास करते हैं, तो दबंगों द्वारा गंदी-गंदी गालियाँ दी जाती हैं, धक्का-मुक्की की जाती है और जान से मारने का प्रयास किया जाता है।
पहले भी हटाया गया था कब्जा, दबंगों ने फिर जमाया पैर
यह पहला मौका नहीं है जब इस रास्ते को रोका गया हो। पूर्व में भी इन दबंगों ने इस सरकारी रास्ते को बंद कर दिया था, जिसे राजस्व अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर खुलवाया था। लेकिन प्रशासनिक ढील का फायदा उठाकर दबंगों ने दोबारा इस पर कब्जा कर लिया। पीड़ित किसान ने 25 जून 2026 को भी इस पूरे मामले का लिखित आवेदन अधिकारियों को सौंपा था, परंतु हफ्तों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा यह है कि खरीफ की फसल का समय निकला जा रहा है और पीड़ित किसान बोबनी तक नहीं कर पाया है।
तहसील दफ्तर पहुंचा लाचार परिवार, मीडिया को सुनाई व्यथा
सोमवार को न्याय की अंतिम उम्मीद लिए पीड़ित किसान मथुरा प्रसाद अपनी पत्नी के साथ एक बार फिर तहसील कार्यालय गैरतगंज पहुंचे। दर-दर की ठोकरें खाने के बाद जब कोई रास्ता नहीं सूझा, तो उन्होंने रोते हुए स्थानीय मीडिया को अपनी आपबीती सुनाई।
अधिकारियों का पक्ष
”उक्त मामला हमारे संज्ञान में आया है। इस सरकारी रास्ते से पूर्व में भी कब्जा हटवाया गया था। यदि दोबारा कब्जा किया गया है, तो यह गंभीर है। जल्द ही राजस्व टीम को मौके पर भेजकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पीड़ित किसान की बोबनी राजस्व अमले की कड़ी निगरानी में कराई जाएगी।”
— अमृता सुमन, तहसीलदार, गैरतगंज