– केंद्रीय विद्यालय शिवपुरी में आयोजित हुआ हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिक्षा किसी भी भाषा में दी जा सकती है परंतु अपनी भाषा में दी गई शिक्षा बोझ नहीं लगती विदेशी भाषा से मौलिक सोच प्रभावित हो जाती है तथा मन में कुंठा पैदा होती है। केंद्रीय विद्यालय शिवपुरी के प्रांगण में आयोजित हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत अपने उद्बोधन में उक्त विचार व्यक्त करते हुए हिंदी के विद्वान एवं पत्रकार प्रमोद भार्गव ने कहा कि विद्वानों के लिए भाषा कोई बाधा नहीं है। आर के नारायण का उदाहरण देते हुए श्री भार्गव ने कहा कि उनकी गणना अंग्रेजी के महान विद्वानों में की जाती है, जबकि अपने विद्यार्थी जीवन में वे अंग्रेजी में ही अनुत्तीर्ण होते थे। भाषा विकास में बाधा नहीं बनती है दुनिया की सबसे अधिक भाषाएं संस्कृत से निकली है । न्यूटन के समय में भी हिंदी और संस्कृत के विद्वान थे।
विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री भार्गव ने कहा की मातृभाषा में बच्चे तीव्र गति से सीखते हैं । बिलगेट्स का उदाहरण देते हुए श्री भार्गव ने कहा कि जिस बेलगेट्स को मंदबुद्धि कहकर स्कूल से निकाल दिया गया था ।आज पूरी दुनिया उनका लोहा मानती है।
विद्यालय के प्राचार्य श्री एस के शर्मा ने श्री भार्गव का स्वागत करते हुए हिंदी के प्रति किए गए उनके योगदान को सराहा । कार्यक्रम समन्वयक एवं वरिष्ठ हिंदी शिक्षक श्री मोहन मुरारी कार्यक्रम का संचालन किया।