मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल–विदिशा हाईवे 18 पर सोमवार सुबह एक प्रेरणादायक नज़ारा देखने को मिला, जब दो श्रद्धालु लंबी साइकिल यात्रा पूरी कर अपने गांव की ओर लौटते नजर आए। दोनों भक्तों ने देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए करीब 26 हजार किलोमीटर की कठिन यात्रा महज 300 दिनों में पूरी की।
महाराष्ट्र के रहने वाले निखिल मछिंद्र दहातोड़ें ने बताया कि वे शिरडी शनि सिंगणापुर से अपनी साइकिल यात्रा पर निकले थे। इस दौरान उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंग, चारधाम सहित भारत के कई धार्मिक और प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। वहीं उनके साथी, जो एमएच साइकिल वाला के नाम से जाने जाते हैं, ने बताया कि उनकी यात्रा कैलाश मानसरोवर से शुरू हुई थी, जिसमें अमरनाथ, लेह-लद्दाख, नॉर्थ ईस्ट और चारधाम जैसे कठिन मार्ग शामिल रहे।
दोनों श्रद्धालुओं ने बताया कि वे रोजाना 70 से 80 किलोमीटर तक साइकिल चलाते थे। रास्ते में जहां मंदिर मिल जाता, वहीं भोजन कर लेते थे, और यदि व्यवस्था नहीं होती तो खुद ही खाना बनाकर गुजारा करते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा के पीछे कोई विशेष मनोकामना नहीं थी, बल्कि यह उनकी आस्था और आत्मिक संतुष्टि की यात्रा थी।
300 दिन पहले घर से निकले इन दोनों भक्तों ने कठिन परिस्थितियों, लंबी दूरी और मौसम की चुनौतियों को पार करते हुए अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। दोनों भक्तों ने अपने साइकिल पर भगवा कलर का झंडा,एक-एक बैग और साइकिल के आगे और पीछे एक बोर्ड लगा रखा है जिसमें उनका नाम मोबाइल नंबर कहां से कहां तक की यात्रा कितने किलोमीटर की यात्रा सारी जानकारी लिखी हुई है। हाईवे से गुजरने वाले लोगों ने भी इनकी लगन और श्रद्धा को देखकर सराहना की।
यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का उदाहरण है, बल्कि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास की एक प्रेरक मिसाल भी बन गई है।