दो दिन पहले भरे गड्ढों से उखड़कर बाहर आ गई गिट्टियां, भानपुर से त्रिमूर्ति चौराहे तक अब भी जानलेवा गड्ढे बरकरार
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर गड्ढों की मरम्मत के नाम पर की जा रही खानापूर्ति की पोल खुलने लगी है। दो दिन पहले मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) द्वारा हाईवे के गड्ढों में किया गया पैचवर्क 24 घंटे भी नहीं टिक सका। गिट्टियां उखड़कर बाहर निकल गईं और मरम्मत वाले स्थानों पर फिर से बारीक मुरम दिखाई देने लगी है। इससे सड़क की बदहाली दूर करने के लिए किए जा रहे काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भानपुर भोपाल से लेकर त्रिमूर्ति चौराहा सलामतपुर तक 40 किलोमीटर हाईवे-18 पर कई स्थानों पर 8 से 10 इंच तक गहरे गड्ढे बन गए थे। बारिश का दौर थमे एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सड़क की हालत में सुधार नहीं हुआ। हाईवे पर गड्ढों से वाहन चालकों को हो रही परेशानी और दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर बार-बार खबरें प्रकाशित होने के बाद एमपीआरडीसी ने गड्ढे भरने का काम शुरू कराया। उम्मीद थी कि मरम्मत के बाद लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन कुछ ही समय में रोड पर किए गए पैचवर्ग से गिट्टियां उखड़ने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
कहीं मरम्मत, तो कहीं अब भी गहरे गड्ढे
हाईवे पर मरम्मत का काम भी अधूरा नजर आ रहा है। कई स्थानों पर गड्ढे भरे गए, लेकिन अनेक जगहों पर अब भी गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जिन गड्ढों को भरा गया था, वहां से गिट्टियां निकलने के बाद सड़क पर बारीक मुरम फैल गई है। ऐसे में वाहन चालकों को राहत मिलने के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक गड्ढे आने और सड़क पर गिट्टियां बिखरी होने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना हुआ है।

गड्ढे भरने के नाम पर हो रही खानापूर्ति
आसपास के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एमपीआरडीसी द्वारा हाईवे के गड्ढे भरने के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है। मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा, इसी कारण भरे गए गड्ढों से गिट्टियां जल्द ही बाहर निकलने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब मरम्मत का काम कराया ही जा रहा है, तो इसे गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि सड़क दोबारा जल्द खराब न हो। इन गड्ढों के कारण बारिश के चार महीना में कई बाइक चालक दुर्घटना के शिकार हो गए हैं। बारिश के बाद एमपी आरडीसी द्वारा गड्ढे बनने का जो काम किया जा रहा है वह केवल लीपा पोती की जा रही है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से हाईवे-18 के क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण कराकर गड्ढों की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही, जिन स्थानों पर गड्ढे अब भी बने हुए हैं, उन्हें जल्द भरने की जरूरत बताई है, ताकि वाहन चालकों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
इनका कहना हे
मेरी दुकान के सामने रविवार को हाईवे 18 पर पैचवर्ग किया गया था। पैचवर्क को भरे हुए 24 घंटे भी नहीं हुए और गिट्टियां निकलने लगी है। इन गिट्टियों पर बाइक चालक फिसल रहे हैं।
मोहित नायक स्थानीय निवासी दीवानगंज
मेरी दुकान के सामने तीन गहरे गड्ढे बारिश में बन गए थे उन गड्ढे में एमपीआरडीसी के कर्मचारियों द्वारा एक दिन पहले पैचवर्क किया गया था। उसके दूसरे दिन ही पेचवर्क उखड़ गया।
मुकेश लोधी होटल संचालक दीवानगंज