बिना जरूरी अनुमतियों के कॉलोनी विकास करने का आरोप, नगर पालिका ने नियमों के उल्लंघन का किया उल्लेख
रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
औद्योगिक नगरी मंडीदीप में कॉलोनियों के विकास और उनमें उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। नगर पालिका परिषद मंडीदीप ने वार्ड क्रमांक 23, मुड़ला रोड स्थित कृष्णा रेसिडेंसी के संचालक दशरथ साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के संबंध में मंडीदीप थाना प्रभारी को पत्र लिखा है। नगर पालिका के पत्र में कॉलोनी विकास कार्यों में नियमों के उल्लंघन और आवश्यक अनुमतियां नहीं लेने का उल्लेख किया गया है।
नगर पालिका के पत्र में आठ बिंदुओं पर आपत्ति
नगर पालिका परिषद द्वारा जारी पत्र के अनुसार, कृष्णा रेसिडेंसी के कॉलोनाइजर पर मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 355 एवं 356 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप है।
पत्र में निम्नलिखित बिंदुओं का उल्लेख
1. पंजीयन प्रमाण पत्र: नियम 3(1) के तहत आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास से रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र लिया जाना अनिवार्य बताया गया है। पत्र के अनुसार, कॉलोनाइजर द्वारा यह प्रमाण पत्र नहीं लिया गया।
2. अनापत्ति प्रमाण पत्र: नियम 9(1) के तहत नगर तथा ग्राम निवेश से एनओसी लेने का उल्लेख है, जिसे नगर पालिका के पत्र में नहीं लिया जाना बताया गया है।
3. विकास अनुज्ञा शुल्क: नियम 8 के अनुसार विकास अनुज्ञा शुल्क नगर पालिका के खाते में जमा किया जाना था, लेकिन पत्र में शुल्क जमा नहीं करने की बात कही गई है।
4. सक्षम प्राधिकारी की अनुमति: नियम 15 के अंतर्गत कॉलोनी विकास के लिए कलेक्टर से अनुमति लेने का प्रावधान बताया गया है। पत्र के अनुसार, यह अनुमति नहीं ली गई।
5. आश्रय शुल्क: नियम 10(4) के तहत नगर पालिका में आश्रय शुल्क जमा नहीं करने का उल्लेख किया गया है।
6. अतिरिक्त आश्रय शुल्क: नियम 10(5) के तहत अतिरिक्त आश्रय शुल्क जमा कर कलेक्टर कार्यालय से विकास की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने की बात कही गई है।
7. पर्यवेक्षण शुल्क: नियम 15(क) के अनुसार नगर पालिका के खाते में पर्यवेक्षण शुल्क जमा नहीं किए जाने का उल्लेख है।
8. भूखंड एवं भवन का पंजीयन: नियम 13 के तहत भूखंड एवं भवन का पंजीयन उप-पंजीयक कार्यालय, औबेदुल्लागंज में कराए जाने के संबंध में भी पत्र में आपत्ति दर्ज की गई है।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी उठे सवाल
नगर पालिका के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कॉलोनी में भूखंड खरीदने वाले आमजन को गुमराह किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पत्र के अनुसार, कॉलोनी में बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
नगर पालिका परिषद द्वारा थाना प्रभारी को पत्र लिखे जाने के बाद अब मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने और आरोपों की पुष्टि के संबंध में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि कॉलोनी विकास से जुड़े नियमों और आवश्यक अनुमतियों की जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और कॉलोनीवासियों को मूलभूत सुविधाएं कब तक मिल पाती हैं।