– गढ़ी सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों में 3,000 श्रमिकों के कार्ड बनवाने की मांग, संयुक्त सर्वेक्षण कराकर पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की उठाई आवाज
– पूर्व में शिकायत के बावजूद निराकरण नहीं होने का आरोप, पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाकर खाद्यान्न पर्ची एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले की ग़ैरतगंज तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ी एवं आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों में बीड़ी निर्माण के कार्य से जुड़े गरीब श्रमिक परिवारों की समस्याओं को लेकर ग्राम पंचायत गढ़ी के सरपंच एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि सैयद मसूद अली पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आवेदन भेजकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने क्षेत्र के बीड़ी श्रमिकों का संयुक्त सर्वेक्षण कराकर पात्र श्रमिकों के पंजीयन एवं बीड़ी श्रमिक कार्ड बनवाने, खाद्यान्न पर्ची से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग उठाई है।
सरपंच ने अपने आवेदन में बताया कि ग्राम पंचायत गढ़ी की जनसंख्या लगभग 8 हजार है। यहां बड़ी संख्या में ग़रीब एवं आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार बीड़ी निर्माण के कार्य पर निर्भर हैं। कई परिवारों में महिलाएं एवं अन्य सदस्य घरों पर बीड़ी बनाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बीड़ी मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण इन परिवारों को महंगाई के दौर में भोजन, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य घरेलू जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बीड़ी श्रमिक कार्ड के अभाव में योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि गढ़ी सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो बीड़ी निर्माण एवं मजदूरी के कार्य से जुड़े हुए हैं। आवश्यक पंजीयन, दस्तावेजों और बीड़ी श्रमिक कार्ड से संबंधित समस्याओं के कारण कई परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। विशेष रूप से पात्र परिवारों की खाद्यान्न पर्ची बनवाने तथा संबंधित दस्तावेजों की पूर्ति के दौरान कठिनाइयां सामने आती हैं।
सरपंच का कहना है कि गरीब एवं मेहनतकश श्रमिक परिवारों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। खाद्यान्न पर्ची एवं राशन संबंधी मामलों में पात्रता का निर्धारण प्रचलित नियमों के अनुसार करते हुए पात्र परिवारों की समस्याओं का निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र परिवार केवल दस्तावेजी या पंजीयन संबंधी परेशानी के कारण लाभ से वंचित न रहे।
3,000 श्रमिकों के कार्ड बनवाने की जरूरत
सैयद मसूद अली पटेल पूर्व सरपंच भागचंद चौरसिया, उप सरपंच बृजेश जाटव, जनपद सदस्य फ़ैमीदा रिज़वान खां, पूर्व जनपद सदस्य खेमचंद चौरसिया, नन्दकिशोर यादव, समाज सेवी मोहनलाल जाटव, सैयद आफ़ताब अली, ऋषभ कुमार जैन, नीरज पंडा चौरसिया, सादीलाल सेन, सुदीप चौरसिया, वदूद अली पटेल, प्रकाश चौरसिया, क़ासम शाह, मुन्ना लाल यादव, वसीम टेलर, सहित अन्य लोगों ने आवेदन में कहां है कि ग्राम पंचायत गढ़ी एवं आसपास के गांवों में लगभग 3,000 बीड़ी श्रमिकों के पंजीयन, कार्ड बनवाने एवं संबंधित अभिलेखों के सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों की वास्तविक संख्या का निर्धारण विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामवार सर्वेक्षण के बाद किया जाना चाहिए।
इसके लिए श्रम विभाग, बीड़ी श्रमिक कल्याण से संबंधित सक्षम विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित करने की मांग की गई है। सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक श्रमिक का नाम, पता, कार्य की प्रकृति, पारिवारिक विवरण और उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन कर नियमानुसार पात्र श्रमिकों के पंजीयन एवं कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है।
पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को भेजे आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि बीड़ी श्रमिकों की समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक ऐसी प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे क्षेत्र के श्रमिक परिवारों को ठोस राहत मिल सके।
उन्होंने पूर्व में दर्ज शिकायतों की जांच कराकर संबंधित अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई का विवरण प्राप्त करने की मांग की है। साथ ही, यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब सामने आता है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
पंचायत स्तर पर शिविर लगाने और समय-सीमा तय करने की मांग
आवेदन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि गढ़ी एवं आसपास के गांवों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि बीड़ी श्रमिकों को पंजीयन, दस्तावेजों के सत्यापन और आवेदन जमा करने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर सर्वेक्षण एवं पंजीयन की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने का भी आग्रह किया गया है।
इसके अलावा श्रमिक परिवारों को उनकी पात्रता के अनुसार सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य लागू शासकीय योजनाओं से जोड़ने, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से खाद्यान्न पर्ची संबंधी समस्याओं का निराकरण कराने तथा जिला प्रशासन के स्तर पर नियमित समीक्षा करने की मांग की गई है।
केवल कागजी कार्रवाई नहीं, धरातल पर समाधान हो
सरपंच सैयद मसूद अली पटेल ने विशेष रूप से आग्रह किया है कि शिकायत को केवल औपचारिक जवाब देकर या संबंधित विभाग को भेजकर निराकृत न माना जाए। मौके पर संयुक्त सर्वेक्षण, पात्र श्रमिकों की पहचान, पंजीयन एवं कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में हुई वास्तविक प्रगति के आधार पर ही कार्रवाई की समीक्षा की जाए।
उन्होंने मांग की है कि शिकायतकर्ता को लिखित रूप में बताया जाए कि कितने श्रमिकों का सर्वेक्षण किया गया, कितने पात्र पाए गए, कितने श्रमिकों के कार्ड बनाए गए और शेष प्रकरणों में क्या कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी अथवा पात्रता संबंधी कारणों से स्वीकृति नहीं मिलती है, तो संबंधित विभाग द्वारा उसका स्पष्ट कारण बताकर नियमानुसार मार्गदर्शन भी दिया जाए।
सरपंच ने मुख्यमंत्री से इस मामले को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। अब देखना होगा कि शासन एवं जिला प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं और क्षेत्र के बीड़ी श्रमिक परिवारों को पंजीयन, खाद्यान्न पर्ची तथा अन्य पात्र शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कब तक ठोस कार्रवाई शुरू होती है।