गांवों के कलाकार निभा रहे रामायण के पात्र, आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों से देर रात तक पहुंच रहे श्रद्धालु
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम अंबाड़ी, दीवानगंज रेलवे स्टेशन सेमरा स्थित मंदिरों में आयोजित रामलीला में दूसरे दिन ताड़का वध और पुष्प वाटिका प्रसंग का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को कलाकारों ने संवाद और अभिनय के माध्यम से जीवंत किया। रामलीला देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
खास बात यह है कि दो स्थानों पर आयोजित रामलीला में गांव के ही कलाकार विभिन्न पात्रों की भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय कलाकारों के अभिनय और संवादों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। इससे गांवों में धार्मिक उत्साह के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को भी बढ़ावा मिल रहा है।
रामलीला देखने के लिए नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, करैया, गीदगढ़, बरजोरपुर, बालमपुर, कुलहड़िया, छोला, बनखेड़ी और देहरी सहित आसपास के गांवों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाम होते ही रामलीला स्थलों पर दर्शकों की भीड़ जुटने लगती है। भगवान श्रीराम के प्रसंगों का मंचन देर रात तक चलता है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहते हैं।

वही क्षेत्र के खेड़ापति हनुमान मंदिरों पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं द्वारा मां भगवती को जल अर्पित कर आशीर्वाद ले रहे हैं जल अर्पित करने का सिलसिला तड़के सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक चलता रहता है। दोपहर बाद झांकी पंडालो और मंदिरों पर भजन कीर्तन हो रहे हैं।
रामलीला के आयोजन से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। ग्रामीणों में आयोजन को लेकर उत्साह है और लोग परिवार सहित पहुंचकर धार्मिक प्रसंगों का आनंद ले रहे हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा रामायण के प्रसंगों का मंचन ग्रामीण संस्कृति और धार्मिक आस्था को जीवंत बनाए हुए है।