डरे-सहमे भटक रहे 13 वर्षीय बालक को पुलिस ने परिजनों से मिलाया, 2 घंटे में तलाशे परिजन
रायसेन। रायसेन जिले के सलामतपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण सामने आया। भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर एक 13 वर्षीय बालक डरा-सहमा पैदल घूमता मिला। दो राहगीरों ने जब बालक को इस हालत में देखा तो उसे सुरक्षित दीवानगंज पुलिस चौकी पहुंचाया।
बताया गया कि डर के कारण बालक तत्काल अपने बारे में ज्यादा जानकारी देने की स्थिति में नहीं था। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी श्यामराज सिंह सोमवंशी के निर्देशन में पुलिस टीम ने बालक के परिजनों की तलाश शुरू की।
आरक्षक संदीप रघुवंशी और रोहित गोस्वामी ने तकनीकी मदद से बालक के परिजनों का पता लगाने के प्रयास किए। पुलिस की सक्रियता का परिणाम रहा कि करीब दो घंटे के भीतर बालक के परिजनों को खोज लिया गया।
प्यार से समझाया, फिर मां से मिलाया
थाना प्रभारी श्यामराज सिंह सोमवंशी ने बालक को अपने पास बैठाकर शांत किया और प्यार से बातचीत करते हुए उसकी काउंसलिंग की। पुलिस के प्रयासों से बालक का डर कम हुआ और आवश्यक जानकारी जुटाकर उसके परिजनों तक पहुंचा गया।
बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद उसकी मां ने पुलिस का आभार जताया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशील व्यवहार की सराहना की।
पुलिस के मानवीय चेहरे की मिसाल
इस पूरे घटनाक्रम ने रायसेन पुलिस के उस मानवीय पक्ष को सामने रखा, जिसमें एक ओर अपराधियों के खिलाफ सख्ती और दूसरी ओर संकट में फंसे मासूमों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई देती है। समय पर की गई कार्रवाई से एक डरे-सहमे बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका।