फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज से जमुनिया तक 3.5 किमी सड़क का मामला, ग्रामीणों ने घटिया निर्माण का लगाया आरोप; चार-पांच बाइक सवार गिरकर घायल
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज से ग्राम जमुनिया तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के महज 10 महीने बाद ही उखड़ने लगी है। सड़क पर जगह-जगह गिट्टी निकलने के साथ छोटे-बड़े गड्ढे हो गए हैं। वहीं मार्ग पर बनी पुलिया भी धंसने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने के कारण पहली ही बारिश में सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क से गिट्टी निकलने और गड्ढे होने के कारण पिछले कुछ दिनों में चार से पांच बाइक सवार फिसलकर गिर चुके हैं। इनमें जमुनिया निवासी दुर्जन सिंह, बहुरन लोधी, हिम्मत सिंह और हरनम लोधी सहित अन्य लोग घायल हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क उखाड़ना सोच से परे हैं। जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

306.24 लाख की लागत से हुआ था निर्माण
फैक्ट्री चौराहा से जमुनिया तक लगभग 3.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण 306.24 लाख रुपए की लागत से कराया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क करीब 10 महीने पहले बनकर तैयार हुई थी, लेकिन अब जगह-जगह से उखड़ने लगी है। निर्माण कार्य के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि वर्षों पुरानी परेशानी खत्म होगी, लेकिन कम समय में सड़क की हालत खराब होने से लोगों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2008 में करीब 50 लाख रुपए की लागत से इस मार्ग का निर्माण हुआ था। इसके बाद लगभग 17 वर्षों तक सड़क की मरम्मत नहीं हुई। लंबे समय तक सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण बारिश में पानी भर जाता था और पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता था।
कई गांवों के ग्रामीणों को मिलती है सुविधा
यह मार्ग जमुनिया, निनोद, कायमपुर, जमुनिया टोला, कायमपुर टपरा, भील टोला सहित आसपास के कई गांवों को दीवानगंज से जोड़ता है। ग्रामीण रोजमर्रा के कामकाज, इलाज, खरीदारी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए दीवानगंज, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सांची, अशोकनगर, कुरवाई, गंजबासौदा और लटेरी सहित अन्य शहरों तक इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण पहले गांवों में बच्चों को लेने आने वाली स्कूल बस भी कई बार अंदर तक नहीं पहुंच पाती थी। सड़क बनने के बाद लोगों को बेहतर आवागमन और परिवहन सुविधा की उम्मीद जगी थी, लेकिन निर्माण के कुछ ही महीनों बाद सड़क उखड़ने से ग्रामीणों की परेशानी फिर बढ़ गई है।
जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन में करेंगे शिकायत
जनपद सदस्य प्रतिनिधि गुलशेर लोधी ने कहा कि ग्रामीणों ने कई वर्षों तक सड़क की समस्या झेली है। बड़ी मुश्किल से सड़क का निर्माण हुआ, लेकिन घटिया सामग्री के उपयोग के कारण 10 महीने में ही सड़क खराब होने लगी। ग्रामीण अब सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जनसुनवाई तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत करेंगे।
स्थानीय निवासी बंटी शर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से ग्रामीणों को काफी उम्मीद थी, लेकिन पहली बारिश में ही गिट्टी निकलने और पुलिया धंसने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर सड़क की जांच कराने और खराब हिस्से की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
हिम्मत सिंह लोधी ने कहा किक्षेत्र के आसपास जितनी भी सड़के बन रही है उन सभी में भ्रष्टाचार किया गया है जिस कारण कम समय में ही सड़के उखड़ने लगी है। सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर ग्रामीणों को सुविधा मुहैया कराने की कोशिश कर रही है तो वही ठेकेदारों की लापरवाही और घटिया निर्माण से करोड़ों रुपए सरकार के बर्बाद हो रहे हैं।