शिक्षा के क्षेत्र में असफल रहे राज्य शिक्षा केंद्र को तुरंत बंद कर देना चाहिए -मुरारी सोनी कर्मचारी नेता
भोपाल ।प्रदेश में राजीव गांधी प्राथमिक शिक्षा मिशन के बाद बने राज्य शिक्षा को तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए. उक्त आशय की मांग करते हुए वरिष्ठ कर्मचारी नेता मुरारी लाल सोनी ने कहा कि राज्य शिक्षा केंद्र में कई सालों से लगातार जमे लोगों की अकर्मण्यता के चलते कुछ दिन पहले संचालक द्वारा उन्हें फटकार लगाई गई . इस से बुरा मानते हुए ऐसे लोगों ने नाराजगी जाहिर कर खच्चर कर्मचारी पार्टी बनाई है जो अनुचित है।
साथ ही कर्मचारियों के लिए बने अनुशासनिक नियमों के विरुद्ध है. श्री सोनी के अनुसार राज्य शिक्षा केंद्र में 25 साल से जमे श्री देव भूषण प्रसाद की दूषित कार्य पद्धति के कारण प्रदेश भर के लोग तनाव में हैं. इनके पास लंबे समय से स्थापना, विधि, सतर्कता, योजना और प्रौढ शिक्षा के नियंत्रक का दायित्व है जिस कारण वे राज्य शिक्षा केंद्र के अलावा प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों पर भी दबाव डालते हैं और उनसे अवैध बसूली भी करते हैं .
श्री मुरारी लाल सोनी के अनुसार राज्य शिक्षा केंद्र में लंबे समय से डटे अनेक अधिकारी अनेक कक्षों के नियंत्रक बनकर मौज कर रहे हैं .ऐसे अधिकारियों के कई बार ट्रांसफर तो हुए लेकिन वे कभी कार्यमुक्त नहीं किए गए इसी कारण वे मनमानी कर रहे हैं
वरिष्ठ कर्मचारी नेता ने कहा कि वर्ष 2000 से पहले जब राज्य शिक्षा केंद्र नहीं बना था तब शिक्षक अच्छा काम कर रहे थे. शिक्षकों के अच्छे काम के आधार पर सरकार ने अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं. वे कहते हैं कि राज्य शिक्षा केंद्र बन जाने के बाद मध्य प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा प्रगति नहीं हुई उल्टे राज्य शिक्षा केंद्र का एक भी नवाचार सफल नहीं हुआ है . केंद्र सरकार के अनेक कार्यक्रम और परियोजनाओं को संचालित करने में अरबों रुपये खर्च करने के बाद भी राज्य शिक्षा केंद्र में काम करने वाले लोग कभी शिक्षा के खराब परिणामों के लिए जिम्मेदार क्यों नहीं माने जाते हैं . पिछले कई सालों से राज्य शिक्षा केंद्र में पदस्थ लोग मौज कर रहे हैं .
राज्य शिक्षा केंद्र के आज्ञा पालक जन शिक्षा केंद्र, BRC ,जिला शिक्षा केंद्र , डायट और शिक्षा महाविद्यालय भी बजट का मनमाना दुरुपयोग कर रहे हैं जिसकी जांच की जाएगी तो बहुत सारे लोग जेल चले जाएंगे.
वरिष्ठ कर्मचारी नेता ने स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से मांग की है कि यदि वे प्रदेश में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए तैयार हैं तो उन्हें राज्य शिक्षा केंद्र को तुरंत बंद करने का निर्णय लेना चाहिए. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि राज्य शिक्षा केंद्र की असफलता के लिए अधिकारियों को दोषी करार देते हुए उन के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए .