भरतीपुर में ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान के तहत विद्यार्थियों ने सीखा प्रतिमा निर्माण
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
गणेश उत्सव से पहले पर्यावरण संरक्षण और भारतीय परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड सांची के सेक्टर दीवानगंज अंतर्गत ग्राम भरतीपुर में ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान के तहत गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। नवांकुर संस्था रेखा जन कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की कला सीखी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आनंद कुमार नेमा, विकासखंड समन्वयक मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड सांची, मेंटर श्रवण शर्मा, मनोहर पाल, संचालक ज्योति पब्लिक स्कूल, शिक्षक हर्षा, अनामिका रानी, जितेंद्र सहित अन्य शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मिट्टी की प्रतिमा से जल प्रदूषण रोकने का संदेश
विकासखंड समन्वयक आनंद कुमार नेमा ने विद्यार्थियों को ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। गणेश उत्सव के दौरान प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के विसर्जन से जल स्रोतों में प्रदूषण बढ़ता है। इसके स्थान पर प्राकृतिक मिट्टी से बनी प्रतिमाओं को बढ़ावा देकर जल प्रदूषण को कम किया जा सकता है।उन्होंने विद्यार्थियों से गणेश उत्सव में ‘माटी से गणेश, पर्यावरण का संदेश’ को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने खुद बनाईं गणेश प्रतिमाएं
प्रशिक्षण के दौरान शिखा पाल ने विद्यार्थियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा निर्मण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मिट्टी तैयार करने, उसे सही आकार देने, गणेश प्रतिमा के विभिन्न अंगों को संतुलित रूप से बनाने और प्रतिमा को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने की बारीकियां समझाईं।
विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ प्रतिमा निर्माण में हिस्सा लिया और अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार कीं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों में पारंपरिक कला सीखने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी देखने को मिली।
संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने की पहल
आयोजकों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों और समाज में पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और पारंपरिक कला के प्रति जागरूकता पैदा करना है। गणेश उत्सव में मिट्टी की प्रतिमाओं को प्रोत्साहित कर प्रकृति और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में नवांकुर संस्था प्रतिनिधि मनोहर पाल, मेंटर श्रवण शर्मा, शिक्षिकाएं हर्षा, अनामिका रानी, पूनम, गोपाल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।