– विजय सिंह राठौर,रायसेन
मध्य प्रदेश शाहिद पूरे देश भर में इन दिनों हर घर तिरंगा घर-घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। जिसको लेकर नगर नगर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही है। लेकिन बहुत ही कम लोग हैं जो जानते होंगे कि मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में आजादी के बाद पहली तिरंगा यात्रा निकलते समय चार युवा शहीद हो गए लेकिन उन्होंने अपने हाथों से तिरंगा झंडा गिरने नहीं दिया। जी हां हम बात कर रहे हैं रायसेन जिले के बोरास नर्मदा घाट की जहां 14 जनवरी 1949 को मकर संक्रांति के अवसर विशाल मेला लगा हुआ था यहां देश को आजादी के जश्न के बावजूद यह इलाका भोपाल रियासत के अधीन था जो अभी तक आजाद नहीं हुआ था।
ऐसे में यहां तिरंगा फहराने का संकल्प लेकर कुछ युवा मेले में तिरंगा लेकर निकल पड़े। विलीनीकरण के आंदोलनकारियों और स्थानीय युवाओं ने तय किया कि वे नवाब की पाबंदियों की परवाह न करते हुए बोरास घाट पर तिरंगा झंडा फहराएंगे और “भारत माता की जय” व “वंदे मातरम” का उद्घोष करेंगे ।
लेकिन मध्य प्रदेश के इतिहास में इस दिन को “जलियांवाला बाग” के समान दर्जा दिया गया है। यहां ड्यूटी पर तैनात नवाब के थानेदार जफर अली ने तिरंगा था में युवाओं पर गोलियां चला दी। जिसमें चार युवक शहीद हो गए।
भोपाल रियासत के भारत संघ में विलय कराने के लिए चलाए गए विलीनीकरण आंदोलन की सबसे ऐतिहासिक और भावुक कहानी यह है कि15 अगस्त 1947 को पूरा देश आजाद हो गया था, लेकिन भोपाल रियासत (जिसमें रायसेन और सीहोर भी शामिल थे) के नवाब हमीदुल्लाह खां भारत संघ में विलय के पक्ष में नहीं थे। वे या तो भोपाल को एक स्वतंत्र रियासत रखना चाहते थे या पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे। लेकिन रायसेन जिले के उदयपुरा में इन युवकों की शहादत के बाद शुरू हुए विनीकरण के आंदोलन को आखिरकार 5 में 1949 को सफलता मिली और भोपाल रियासत भी भारत देश का अहम हिस्सा बन गया। स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने तिरंगा यात्रा के मौके पर उन वीर शहीदों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
रायसेन नगर में सोमवार को हर घर तिरंगा अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रदेश के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार, स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी, भोजपुर विधायक सुरेन्द्र पटवा, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा तथा कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा हाथों में तिरंगा थामे और भारत माता के जयकारों के साथ यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। पुलिस लाईन से प्रारंभ हुई यह तिरंगा यात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए महामाया चौक पर समाप्त हुई। इस यात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी ओर स्कूली बच्चे और नागरिक सम्मिलित हुए। हाथों में तिरंगा और भारत माता के जयकारों ने शहर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा तिरंगा भारत की आन, बान और शान है। यह देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और गौरव का प्रतीक है। तिरंगे में देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाएं जुड़ी हैं। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष और वीर जवानों का बलिदान भी तिरंगे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाएं और अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों पर तिरंगा पूरे सम्मान और गरिमा के साथ फहराएं। राष्ट्रीय ध्वज की मर्यादा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने, तिरंगे की गरिमा की रक्षा करने तथा देश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आव्हान किया। उल्लेखनीय है कि हर घर तिरंगा अभियान 09 अगस्त से प्रारंभ होकर 17 अगस्त 2026 तक चलेगा। अभियान के तहत जिले भर में तिरंगा यात्राएं, बाईक रैली, मानव श्रृंखला तथा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
लेखक -विजय सिंह राठौर, रायसेन जिले के वरिष्ठ पत्रकार हैं।