ब्रिक्स (BRICS) देशों के संस्कृति मंत्रियों का सांची दौरा संपन्न; भारत की 2000 वर्ष पुरानी बौद्ध विरासत से हुए रूबरू
साँची,रायसेन।ब्रिक्स (BRICS) देशों के संस्कृति मंत्रियों की प्रतिष्ठित बैठक का समापन विश्व धरोहर स्थल साँची के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दौरे के साथ भव्य रूप से हुआ। इस विशेष दौरे में चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ब्राज़ील और कतर सहित अन्य देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों (डेलीगेट्स) ने साँची की अद्वितीय सुंदरता का अवलोकन किया और 2000 वर्ष पुरानी उस समृद्ध बौद्ध परंपरा का जायजा लिया, जो कभी इस क्षेत्र में फली-फूली थी।
इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने में साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय ने प्रमुख और सक्रिय भूमिका निभाई। विदेशी मेहमानों को साँची की ऐतिहासिक स्थापत्य कला, दर्शन और संस्कृति से गहराई से अवगत कराने का उत्तरदायित्व विश्वविद्यालय के बौद्ध दर्शन विभाग के अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष प्रियदर्शी ने निभाया। उनके विशेषज्ञ मार्गदर्शन में अतिथियों ने साँची के गौरवशाली अतीत को करीब से महसूस किया।
प्रमुख आकर्षण: जंबूद्वीप पार्क और साँची स्तूप
विदेशी प्रतिनिधियों ने मुख्य साँची स्तूप के दर्शन किए और इसके शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की। इसके अतिरिक्त, स्तूप परिसर के नीचे स्थित ‘जंबूद्वीप पार्क’ और ‘अशोका एमपी ट्रेल’ उनके आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। इन स्थानों पर मध्य प्रदेश के विभिन्न स्तूपों और साँची स्तूप के निर्माण के ऐतिहासिक चरणों को अत्यंत आकर्षक और भौतिक रूप से प्रदर्शित किया गया है, जिसका प्रतिनिधियों ने विस्तार से भ्रमण किया। सारिपुत्त और महामोग्गलान पर भी एक पैवेलियन था जिसमें उनसे जुड़ी कथाओं और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई थी। इन सभी को डॉ प्रियदर्शी के नेतृत्व में तैयार किया गया था।

बौद्ध साहित्य की विशेष प्रदर्शनी
इस अवसर पर ज्ञान और साहित्य के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साँची विश्वविद्यालय के पुस्तकालय द्वारा एक विशेष पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में बौद्ध धर्म, दर्शन और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया, जिसने सभी अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।
यह ऐतिहासिक दौरा भारत की सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) को मजबूत करने और वैश्विक पटल पर मध्य प्रदेश के बौद्ध पर्यटन को एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ गजेन्द्र सिंह शेखावत, एमपी के पर्यटन मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी और एमपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव और सांँची विवि के कुलगुरु श्री शिवशेखर शुक्ला और साँची विवि के कुलसचिव प्रो रामनिवास गुप्ता की भी गरिमामय उपस्थिति रही।