मुस्कान आतिथ्य उद्योग की सबसे बड़ी पूंजी है
भोपाल । विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल के ट्रेवल, टूरिज्म एंड होटल प्रबंधन विभाग द्वारा डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा पर्यटन का विकास विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का तिलक लगाकर तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के रूप में पौधे भेंट कर स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि ललित गौड़ ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में पर्यटन के चार मूल मंत्रों पर जोर दिया ।मुस्कान (Smile), आभार (Gratitude), नैतिकता (Ethics) और उदारता (Generosity)। उन्होंने कहा कि एक सफल टूरिज्म प्रोफेशनल के लिए ये चार गुण अनिवार्य हैं। उन्होंने आगे बताया कि आज पर्यटन केवल घूमना नहीं है, बल्कि अनुभव है। डिजिटल एजेंडा और AI ने पर्यटन को पूरी तरह बदल दिया है – वर्चुअल गाइड, ऑनलाइन बुकिंग, पर्सनलाइज्ड यात्रा कार्यक्रम, भाषा अनुवादक ऐप्स और चैटबॉट्स के माध्यम से पर्यटकों की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई! विशिष्ट अतिथि पूर्व महाप्रबंधक पर्यटन विकास निगम श्री महेश दीक्षित ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) टूल्स की सहायता से उन्होंने अपनी अंडमान यात्रा का संपूर्ण पैकेज स्वयं डिजाइन किया। उन्होंने बताया कि AI से उन्हें कम समय में सर्वोत्तम होटलों की तुलना, कम बजट में फ्लाइट की जानकारी, और ऑफबीट स्थलों की जानकारी मिली, जिससे उनकी यात्रा किफायती और यादगार बन गई। उनके इस व्यावहारिक उदाहरण ने छात्रों को डिजिटल टूल्स अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्राचार्य डॉ संजय जैन ने बताया कि पर्यटन और होटल प्रबंधन में AI के उपयोग से रोज़गार के नये अवसरों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इससे ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की प्रभावना को प्रोत्साहन मिल रहा है। ट्रैवल एंड टूरिज्म पाठ्यक्रम की कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रीति मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यटन और आतिथ्य (Hospitality) उद्योग में मुस्कान सबसे बड़ी पूंजी है। एक सच्ची मुस्कान पर्यटक का दिल जीत लेती है।

प्रतियोगिताओं का आयोजन
छात्रों की रचनात्मकता को निखारने के लिए दो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ट्रैवल क्विज प्रतियोगिता पोस्टर मेकिंग “विश्व पर्यटन दिवस की थीम” और “मेरा सपनों का डेस्टिनेशन” प्रतियोगिता परिणाम निर्णायकों द्वारा निष्पक्ष मूल्यांकन के पश्चात निम्नलिखित परिणाम घोषित किए गए
प्रथम पुरस्कार कु. गरिमा वर्मा एवं कु. चित्रांशी यादव,द्वितीय पुरस्कार,कु. रश्मि अहिरवार एवं गुलशन विश्वकर्मा,तृतीय पुरस्कार:_ कु. गरिमा गुप्ता एवं कु. साक्षी कुशवाहा_विशेष पुरस्कार (सांत्वना पुरस्कार),कु. पायल गोस्वामी, श्रेष्ठ साहू, कु.भव्या प्रसाद, कु. महक कुशवाहा, कु. शिखा दुबे सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रीति मिश्रा द्वारा सभी अतिथियों, प्राचार्य , शिक्षकों एवं छात्रों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर डॉ. दीक्षा बरडे, डॉ. संजय बाणकर एवं श्रीमती अनुपमा गीते विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहीं। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।