शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, वरिष्ठता, पदोन्नति और ई-अटेंडेंस की विसंगतियां दूर करने की मांग
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने प्रदेश के शिक्षकों की लंबित समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर और प्रदेश महामंत्री राकेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, टेट परीक्षा के सरलीकरण, शिक्षकों की वरिष्ठता और पदोन्नति सहित विभिन्न मांगें रखीं।ज्ञापन में वर्ष 1998 से 2018 के बीच नियुक्त शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग की गई।
संघ के रायसेन जिले के अध्यक्ष गिरीश चंदेल ने उक्ताशय की जानकारी देते हुए बताया कि संघ का कहना है कि संविलियन के बाद पुरानी वरिष्ठता समाप्त होने से लगभग डेढ़ से दो लाख शिक्षकों को सेवानिवृत्ति पर पेंशन और ग्रेच्युटी में नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने और सभी संवर्गों में शीघ्र पदोन्नति देने का आग्रह किया गया। संघ ने हमारे शिक्षक ऐप में नेटवर्क की समस्या और तकनीकी त्रुटियों से शिक्षकों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाते हुए विसंगतियां दूर होने तक ई-अटेंडेंस प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की। टेट परीक्षा के लिए संशोधित पाठ्यक्रम, ऑनलाइन शिक्षण मॉड्यूल, न्यूनतम परीक्षा शुल्क और आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का सुझाव भी दिया।
ज्ञापन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक शीघ्र बुलाने, एससीईआरटी का गठन करने, कक्षा 9वीं से 12वीं तक संस्कृत विषय अनिवार्य करने और विद्यालयों में योग शिक्षा का कालखंड निर्धारित करने की मांग शामिल है। जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान के आदेश जारी करने का भी आग्रह किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय कोषाध्यक्ष विनोद कुमार पुनी, सह संगठन मंत्री राजीव शर्मा, प्रांतीय उपाध्यक्ष रामबरन सिंह सिकरवार और मीडिया सह प्रमुख रामचंद्र लोहार शामिल रहे। इससे पहले संघ पदाधिकारियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल सहित अधिकारियों से मुलाकात कर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग रखी।|