बेरखेड़ी चौराहा से बालमपुर घाटी तक एक दर्जन से अधिक स्थानों पर दिन-रात डेरा, कई लोगों की जा चुकी जान, फिर भी जिम्मेदार बेपरवाह
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल–विदिशा हाईवे-18 पर आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाईवे के बेरखेड़ी चौराहा, कुलहड़िया, पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज के सामने, फैक्ट्री चौराहा, दाल मिल चौराहा, बालमपुर चौराहा, बालमपुर घाटी सहित एक दर्जन से अधिक स्थानों पर दिन और रात के समय मवेशियों के बड़े-बड़े झुंड सड़क पर बैठे या खड़े रहते हैं। इससे हाईवे पर हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक मवेशियों से टकराने की कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई वाहन चालक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशी आ जाने से हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को होती है।

ग्रामीणों और वाहन चालकों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न तो आवारा मवेशियों को सड़क से हटाने का अभियान चलाया जा रहा है और न ही इनके स्थायी प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। इसका खामियाजा रोजाना हजारों वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद, पंचायत और संबंधित विभागों से मांग की है कि हाईवे से आवारा मवेशियों को तत्काल हटाया जाए, गोशालाओं में उनके संरक्षण की व्यवस्था की जाए तथा नियमित अभियान चलाकर इस गंभीर समस्या का समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
दीवानगंज के पास स्थित सेमरा पंचायत गौशाला बनकर तैयार हो चुकी है। इसके बावजूद भी पशुओं को अब तक गौशाला में छोड़ने कि प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई है। वही गीदगढ़ गौशाला में पानी और बिजली की कमी 3 साल से बरकरार है। गीदगढ़ की गौशाला अब खंडहर जैसी दिखने लगी है।