मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भीषण गर्मी के बीच पिछले आठ दिनों से पानी और बिजली संकट झेल रहे मुक्तापुर गांव के लोगों का सब्र शनिवार को जवाब दे गया। गांव की महिलाओं ने सुबह करीब 10 बजे खाली बर्तन लेकर भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

महिलाओं का आरोप है कि गांव में पिछले आठ दिनों से न तो नियमित बिजली मिल रही है और न ही पर्याप्त पेयजल। रातभर बिजली गुल रहने से बच्चे, बुजुर्ग और युवा भीषण गर्मी में परेशान हैं। वहीं पानी की समस्या के कारण दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी थी। महिलाएं काफी दूर से पानी ढोने को मजबूर है।
शनिवार को आक्रोशित महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया और सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। चक्का जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही सलामतपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच करीब एक से डेढ़ घंटे तक बातचीत चली।

अंततः प्रशासन के आश्वासन के बाद महिलाएं शांत हुईं और चक्का जाम समाप्त कर सड़क से हट गईं। इसके बाद हाईवे पर यातायात फिर से सुचारु हो सका।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही गांव में पानी और बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे दोबारा बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लोगों के लिए गंभीर संकट बन गया है।