– दूधिया-विक्रेता विवाद में पिस रही जनता: ₹10 बढ़ोतरी पर अड़े दूधिए, दुकानदार ₹5 पर राजी
– महंगाई की दोहरी मार: दूध संकट पर प्रशासन निष्क्रिय, फूड एक्ट में कार्रवाई की मांग
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
दूध के दाम बढ़ाने को लेकर दूधियों की हड़ताल से शिवपुरी में आम जनता की परेशानी बढ़ गई है। दूधियों और दूध विक्रेता दुकानदारों के बीच मुनाफे को लेकर चल रहे विवाद के चलते शहर में दूध की सप्लाई ठप है।
दूधियों का कहना है कि पशुपालन में इस्तेमाल होने वाला घास-चारा और पशु आहार महंगा हो गया है। लागत बढ़ने के कारण वे दूध के दाम में ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी चाहते हैं। उनका तर्क है कि मौजूदा दर पर दूध बेचना घाटे का सौदा है।
वहीं दूध विक्रेता दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल ही दूध के रेट बढ़ाए गए थे। मौजूदा हालात में ₹5 तक की बढ़ोतरी स्वीकार्य है, लेकिन ₹10 की मांग अनुचित है। दोनों पक्षों के बीच सहमति न बनने से आपूर्ति बाधित है।

जनता का आरोप है कि पेट्रोल की कीमत पहले ही बढ़ चुकी है और अब दूध के नाम पर दूधिया-विक्रेता आपस में “खेल खेल रहे हैं”। घरों में बच्चों-बुजुर्गों को दूध नहीं मिल रहा। लोगों ने जिला प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन फूड एक्ट के तहत कड़े कदम उठाए। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति मनमानी दर पर आवश्यक वस्तु नहीं बेच सकता, इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन होना चाहिए। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे जनता में नाराजगी है।